पांढुर्णा जिला प्रशासन की सतर्कता से एंथ्रेक्स संक्रमण पर काबू, ग्राम हिवरा पृथ्वीराम में नियंत्रणात्मक कार्यवाही जारी
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुर्णा कलेक्टर श्री वशिष्ठ द्वारा संक्रमित क्षेत्र के अंतर्गत सुरक्षा हेतु प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
पांढुरना – ग्राम हिवरा पृथ्वीराम में विगत कुछ दिनों से पशुओं (विशेषकर गौवंश एवं बकरी) में संक्रामक रोग के प्रकरण सामने आने के बाद जिला प्रशासन पूर्ण सतर्कता के साथ नियंत्रण कार्यवाही में जुटा हुआ है। पशुओं में मुँह, नाक एवं खुरों पर घाव, ज्वर, दूध उत्पादन में कमी तथा मृत्यु के लक्षण पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच से यह संभावना व्यक्त की गई कि यह रोग आसपास के ग्रामों में भी फैल सकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशानुसार तत्काल प्रभाव से नियंत्रणात्मक कदम उठाए गए। प्रभावित क्षेत्र में पशुओं के आवागमन, खरीद- फरोख्त, दूध एवं मांस विक्रय पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। पशुपालन विभाग द्वारा विशेष दल गठित कर रोगग्रस्त पशुओं की पहचान, पृथक्करण, उपचार एवं टीकाकरण कार्य प्रारंभ किया गया।
राजस्व विभाग को मृत पशुओं को खुले में न फेंकने एवं निर्धारित प्रक्रिया अनुसार गहरे गड्ढे में चूना और नमक डालकर दफनाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच, जल एवं दुग्ध नमूनों की जांच की जा रही है। वहीं पुलिस विभाग प्रभावित क्षेत्र में पशुओं के आवागमन पर रोक सुनिश्चित कर रही है।

संयुक्त निरीक्षण दल (पशुपालन, स्वास्थ्य, राजस्व एवं पुलिस विभाग) प्रतिदिन निगरानी कर रहा है एवं ग्रामीणों को माइकिंग व सूचना पत्रक के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। वर्तमान में कुल 12 पशुओं में संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं, जिनमें से 1 का उपचार किया जा चुका है, जबकि कुछ पशुओं की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है। स्थिति वर्तमान में नियंत्रण में है, परंतु निरंतर निगरानी एवं औषधि आपूर्ति जारी है।
जिला पशुरोग अन्वेषण प्रयोगशाला छिन्दवाड़ा द्वारा पत्र के माध्यम से पशुओं में Bacillus Anthracis (एंथ्रेक्स रोग) संक्रमण की पुष्टि की गई। इसके पश्चात खंड चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में चिकित्सकीय दल को तत्काल ग्राम में भेजा गया। जांच के दौरान 3 वयस्कों एवं 3 बच्चों में भी खांसी के लक्षण पाए जाने पर उनके नमूने परीक्षण के लिये भेजे गए हैं।
पांढुर्णा कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने कहा कि “प्रशासन की प्राथमिकता जन एवं पशु स्वास्थ्य की सुरक्षा है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।”
पांढुर्णा कलेक्टर श्री वशिष्ठ के निर्देशानुसार कार्यालय पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी पांढुर्णा द्वारा ग्राम हिवरा पृथ्वीराम में अचानक पशुओं की मृत्यु की सूचना प्राप्त होते ही पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्यवाही की गई।
पांढुर्णा कलेक्टर श्री वशिष्ठ द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।
प्रभावित क्षेत्र में पशु बाजार, मेला एवं व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि वे संक्रमित पशुओं के संपर्क में न आएं तथा किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत ग्राम सचिव, पशु चिकित्सक या स्वास्थ्य कर्मी को सूचित करें। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है, उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
प्रयोगशाला परीक्षण, लक्षणों, नैदानिक संकेतों एवं इतिहास के आधार पर पशुओं में Bacillus anthracis (एंथ्रेक्स रोग) संक्रमण की संभावना पाई गई है। जिला प्रशासन द्वारा SOP के अनुसार सभी आवश्यक कार्यवाही सतत रूप से की जा रही है।

















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