राज्य सरकार के निर्णय के विरोध में किसान कांग्रेस का प्रदर्शन, कहा – “किसानों के साथ बड़ा धोखा
संवाददाता – धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना: राज्य सरकार द्वारा किसानों की फसल खरीद की जिम्मेदारी केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य निगम (FCI) को सौंपने के हालिया निर्णय के विरोध में पांढुरना जिले में किसान कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि यह फैसला प्रदेश के लाखों किसानों के साथ विश्वासघात है और इससे उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हरनाम सिंह सेंगर ने कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने किसानों से वादा किया था कि फसलों की खरीद समर्थन मूल्य (MSP) से अधिक दर पर की जाएगी, लेकिन अब सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। यह किसानों के साथ किया गया वादा तोड़ने जैसा है।”
सेंगर ने आगे कहा कि किसानों को पहले ही बढ़ती महंगाई, मौसम की मार और फसल नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में राज्य सरकार का यह फैसला उनकी परेशानी को और बढ़ा देगा। उन्होंने मांग की कि सरकार अपने निर्णय को तत्काल वापस ले और राज्य स्तर पर ही फसलों की खरीद की जिम्मेदारी संभाले।

किसान कांग्रेस ने अपनी मांगों में निम्न बिंदुओं पर जोर दिया:
1. राज्य सरकार अपने निर्णय को वापस ले और किसानों की फसल की खरीद राज्य स्तर पर करे।
2. MSP से नीचे किसी भी कीमत पर किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मजबूर न किया जाए।
3. किसानों की आय वृद्धि, भंडारण और परिवहन सुविधाओं के लिए विशेष राहत पैकेज जारी किया जाए।
4. किसानों का कर्ज माफ किया जाए ताकि वे आर्थिक रूप से राहत पा सकें।

प्रदर्शन के दौरान पांढुरना के कलेक्टर महोदय ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि प्रशासन किसानों के साथ है और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों की मांगों और समस्याओं को शासन तक पहुंचाया जाएगा तथा उनके हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस प्रभारी श्री गंगाप्रसाद तिवारी, विधायक श्री नीलेश उईके, प्रभारी श्री विजय चौधरी सहित बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम स्थल पर किसानों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो किसान कांग्रेस राज्यव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगी।
किसान नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने दोहराया कि यह आंदोलन किसानों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए है, और जब तक सरकार अपने निर्णय को वापस नहीं लेती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

















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