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किसी पुण्यात्मा का जाना उस परिवार या संस्थान की ही क्षति नहीं है बल्कि विश्व की क्षति है, क्योंकि उसके गुणो की तरंगे अप्रत्यक्ष रूप से सभी को प्रभावित करती है।—अरुण कुमार सोनी

किसी पुण्यात्मा का जाना उस परिवार या संस्थान की ही क्षति नहीं है बल्कि विश्व की क्षति है, क्योंकि उसके गुणो की तरंगे अप्रत्यक्ष रूप से सभी को प्रभावित करती है।—अरुण कुमार सोनी

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय मुखर्जी नगर विदिशा केंद्र में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अवधेश दीदी भोपाल जोनल डायरेक्टर जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा एवं डिस्ट्रिक्ट सह मल्टीमीडिया प्रभारी लायन अरुण कुमार सोनी ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण कर बी के अवधेश दीदी को श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि उनके द्वारा शरीर का त्याग करना ब्रह्माकुमारी परिवार की ही क्षति नहीं है, बल्कि पूरे देश एवं पूरे विश्व की क्षति है। आपने कहा कि जब भी कोई पुण्य आत्मा इस संसार से जाती है तो उसका नुकसान पूरे विश्व को होता है, क्योंकि उनके सद्गुणों की तरंगे अप्रत्यक्ष रूप से सभी को प्रभावित करती है।

पूर्व विधायक एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मेहताब सिंह यादव ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर केंद्र संचालिका रेखा दीदी ने कहा कि जिन्होंने जीवन की हर कठिन परिस्थितियों को मुस्कुराकर सहन किया एवं तुफानों को भी शिवशक्ति बन दूर भगाए ममता की मूरत बन सबकी झोली दुआओं और वरदानों से भरपूर कि, सब बहनों को प्यार से आप लाली-लाली कहतीं थी, ऐसी आदरणीय बड़ी बहन जी का एक-एक पल सबको खुशियां देने में और शिवबाबा की शुभ आशाओं को पूरा करने में लगा रहा। ऐसी फरिश्तानुमा ब्रह्माकुमारीज भोपाल जोन की क्षेत्रीय निर्देशिका एवं राष्ट्रीय संयोजिका प्रशासक सेवा प्रभाग, आदरणीया राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अवधेश दीदी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।

ब्रह्माकुमारी रेखा दीदी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि दीदी का जन्म 16 अगस्त 1950 में उप्र में आगरा के शमसाबाद में हुआ राजयोगिनी अवधेश दीदी में बचपन से ही भक्तिभाव के संस्कार थे। उनकी भगवान में अटूट आस्था, श्रद्धा और विश्वास देख माता-पिता ने सोच लिया था कि यह बच्ची साध्वी बनेगी। आपकी बचपन से ही समाजसेवा और देशप्रेम में रुचि रही। अध्यात्म के प्रति अटूट लगन के चलते उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज कल्याण, समाजसेवा और विश्व कल्याण के कार्य में अर्पित कर दिया। वर्ष 2010 में आपको किरण लाइफ टाइम सम्मान से सम्मानित किया गया, जो कि एक राष्ट्रीय महिला उत्कृष्ट पुरस्कार है। यह वुमन इंटरनेशन नेटवर्क, इंडिया निर्माण केन्द्र एवं योग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा मानव मात्र की सेवा के लिए संयुक्त रूप से प्रदान किया गया था।

अवधेश दीदी की ममतामयी पालना, अथक मेहनत, लगन और परिश्रम का कमाल है कि आपने मप्र और उप्र के विभिन्न जिलों में 300 से अधिक सेवाकेंद्रों की स्थापना की। इन सेवाकेंद्रों के माध्यम से एक लाख से अधिक लोग अध्यात्म के पथ पर चलते हुए अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। साथ ही इन सेवाकेंद्रों पर आपके मार्गदर्शन में 500 से अधिक बेटियों ने अपना जीवन समाजसेवा में समर्पित किया। आपने विभिन्न अध्यात्मिक एवं सामाजिक विषयों पर मुख्य वक्ता के रूप में अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों को संबोधित किया है। आपके नेतृत्व में 500 से भी अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय आयोजन किया गया। राजयोगिनी अवधेश दीदी ने प्रदेशभर में महिला सशक्तिकरण से लेकर नशामुक्ति, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और किसानों के लिए कार्य किया है। आपके नेतृत्व में प्रदेश में सैकड़ों नशामुक्ति और किसान सशक्तिकरण अभियान निकाले गए। साथ ही प्रशासनिक सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए अनेक तनाव प्रबंधन कार्यशालाएं आयोजित की गईं।

कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार व्यक्त बी के वीर सिंह भाई जी द्वारा किया गया।दीदी को मध्य प्रदेश के राज्यपाल मांगू लाल भाई पटेल, मध्य प्रदेश सीएम डॉक्टर मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी भोपाल के ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

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