एलबीएस कॉलेज परिसर में प्रस्फुटन समितियों का प्रशिक्षण वर्ग एवं कार्यशाला संपन्न
स्वदेशी, आत्मनिर्भर भारत और नशा मुक्ति पर हुआ विस्तार से विमर्श
सिरोंज देवेन्द्र विश्वकर्मा सत्यार्थ न्यूज:

गुरुवार को मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की तहसील स्तरीय प्रस्फुटन समितियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग एवं कार्यशाला नगर के लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर नगर का शैक्षिक वातावरण समाजसेवा और जनजागरण के स्वर से गूंजता रहा। इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं समाजसेवी डॉ. माधवी माथुर, मुख्य वक्ता वरिष्ठ समाजसेवी चक्रेश श्रीवास्तव, संभाग समन्वयक वरुण आचार्य, जिला समन्वयक पूजा श्रीवास्तव, समाजसेवी पंकज श्रीवास्तव तथा ब्लॉक समन्वयक चरण सिंह दांगी मुख्य रूप से मौजूद रहे। इस अवसर मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी चक्रेश श्रीवास्तव ने स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों और संसाधनों के प्रयोग से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि देश को वैश्विक स्तर पर मजबूती भी मिलेगी।

श्रीवास्तव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वदेशी उत्पादों का उपयोग कर छोटे उद्योगों को बढ़ावा दें और रोजगार सृजन में सहयोगी बनें। वही मुख्य अतिथि डॉ. माधवी माथुर ने नशा मुक्ति, स्वदेशी उत्पादों के महत्व और संस्कार केंद्रों की स्थापना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशा समाज को खोखला कर रहा है और इसके खिलाफ जन जागरण आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें और संस्कार, शिक्षा एवं सकारात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर हों। उन्होंने बताया कि संस्कार केंद्र समाज में सामूहिक चेतना और नैतिक मूल्यों को जीवित रखने का सशक्त माध्यम बन सकते हैं। समाजसेवी पंकज श्रीवास्तव ने नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए कहा कि यह केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि नशा परिवार की आर्थिक स्थिति को कमजोर करता है और सामाजिक ताने-बाने को भी तोड़ देता है। इस अवसर पर इमलानी सेक्टर के नवांकुर प्रभारी अंकित पाठक ने स्वदेशी संकल्प का सामूहिक वाचन कराया। सभी उपस्थित जनों ने स्वदेशी अपनाने और समाजहित के कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का आभार विकासखंड समन्वयक चरण सिंह दांगी ने व्यक्त किया, जबकि मंच संचालन नवांकुर संस्था प्रमुख प्रमोद रघुवंशी ने किया। इस दौरान नवांकुर संस्था प्रमुख रामचरण कुर्मी, नवांकुर संस्था सेक्टर पथरिया प्रभारी देवेंद्र विश्वकर्मा, किशोर कुर्मी, परामर्शदाता कृष्णचंद पटेल, नरेंद्र दांगी, इंदर रघुवंशी, दिनेश शाक्य सहित बड़ी संख्या में नवांकुर सखी, प्रस्फुटन समितियों के अध्यक्ष, सचिव एवं सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
माटी के गणेश, सिद्ध गणेश पर डाला प्रकाश-
जिला समन्वयक पूजा श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए नवांकुर संस्थाओं और प्रस्फुटन समितियों के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये समितियां शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर लगातार कार्य कर रही हैं। वही संभाग समन्वयक वरुण आचार्य ने माटी गणेश, सिद्ध गणेश और नवांकुर सखी जैसी गतिविधियों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम समाज में रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को प्रबल करते हैं। इसी क्रम में नगर के प्रख्यात मूर्तिकार सीताराम प्रजापति ने उपस्थित लोगों को माटी से गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दिया, जिसे प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह से सीखा।
वृक्षारोपण के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन –

वही इस कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ वृक्षारोपण कर किया गया। इस अवसर पर सभी अतिथियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण में भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि वृक्ष जीवन का आधार हैं और इनके बिना स्वस्थ समाज और स्वच्छ वातावरण की कल्पना संभव नहीं है। सभी ने यह संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं अधिकाधिक वृक्षारोपण करेंगे, बल्कि समाज में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाएँगे। विद्यार्थियों ने इस अवसर को यादगार बनाने हेतु परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उन्हें संरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी ली।
लोकेशन सिरोंज जिला विदिशा
रिपोर्टर देवेन्द्र विश्वकर्मा


















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