क्या मेडीस्कैन डायग्नोस्टिक सेंटर में होती है भ्रूण हत्या?
अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकरण ने जांच के लिए जिला मजिस्ट्रेट को भेजा पत्र!
शिकायतकर्ता ने कहा सीएमओ ऑफिस और पुलिस की हेल्प ना लीजिए सब मिले हैं!
सोनभद्र /विजय विनीत

सोनभद्र, जनपद मुख्यालय पर मेडिस्केन डायग्नोस्टिक सेंटर की गंभीर शिकायत के बाद जांच के लिए आए पत्र ने सीएमओ ऑफिस में खलबली मचा दी है, वही जिस सेंटर के ऊपर यह आरोप लगा है वह जोड़ तोड़ की गणित में लग गया है कि किसी तरह भी जांच प्रभावित की जा सके!
पहली बार जनपद में अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकरण जो परिवार कल्याण महानिदेशालय जगत नारायण रोड लखनऊ में स्थित है उसके पत्र संख्या पीसीपीएनडीटी/ 842/ 2025/ 1293, दिनांक 11 अगस्त 2025 का संदर्भित पत्र मिलते ही सीएमओ कार्यालय सहित डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक व इससे जुड़े अन्य लोगों में हड़कंप मच गया है! पत्र में कहा गया है कि मेडीस्कैन डायग्नोस्टिक सेंटर रावर्टसगंज एवं मां डायग्नोस्टिक सेंटर शाहगंज रोड घोरावल के विरुद्ध की गई शिकायत के संबंध में आपको निर्देशित किया जाता है कि कृपया प्रश्नगत शिकायत की जांच अपने स्तर पर करवा कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए कृत कार्यवाही कीआख्या एक पक्ष के भीतर अधोहस्ताक्षरित को उपलब्ध करना सुनिश्चित करें! यह पत्र अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकरण द्वारा जिला मजिस्ट्रे /जनपदीय समुचित प्राधिकारी पी सी पी एन डी टी सोनभद्र को लिखा गया है! शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में अपनी पहचान गुप्त रखने की गुहार लगाई है । उसी पत्र के आधार पर यह जांच शुरू की गई है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि जिला मुख्यालय पर स्थित मेडीस्कैन डायग्नोस्टिक सेंटर रावर्टसगंज सोनभद्र एवं माँ डायग्नोस्टिक सेंटर शाहगंज रोड घोरावल दोनों सेंटर अवैध तरीकों से रन करते हैं और सभी डिपार्टमेंट का रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह दोनों सेंटर भ्रूण लिंग परीक्षण करते हैं जबकि भ्रूण लिंग परीक्षण जिसे भ्रूण के लिंग का निर्धारण करने के लिए किया जाता है भारत में अवैध है! यह गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध ) अधिनियम 1994 के तहत दंडनीय अपराध है।मेरे पास उनके दोनों सेंटर के खिलाफ बहुत सारे सबूत भी हैं ।शिकायतकर्ता ने कहा है कि मेरा आपसे एक और सविनय निवेदन है कि सोनभद्र सीएमओ ऑफिस और पुलिस की हेल्प ना लीजिए सब मिले हैं आप लखनऊ से जांच टीम भेजिए मेरी पहचान गुप्त रखी जाए! सूत्रों का कहना है कि यह पत्र जिला स्तर पर पहुंच चुका है। संबंधित सेंटर द्वारा जांच को प्रभावित करने के लिए स्वास्थ्य महकमें के अधिकारियों से गुड़ा गणित शुरू कर दी गई है। अगर शिकायतकर्ता की शिकायत सही है, तो साबित हो रहा है कि जनपद में भ्रूण हत्या का सिलसिला जारी है और इसे बढ़ावा देने में कहीं ना कहीं स्वास्थ्य महकमें का पूरी तरह सहयोग है ।इस संबंध में जब संबंधित डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि एक हमारा कर्मचारी जिसे निकालदिया गया है वह झूठी शिकायत कर रहा है कहा जा रहा है कि इन दिनों स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है और इसके ऊपर लगता है किसी का नियंत्रण नहीं रह गया है! पिछले कई वर्षों के आंकड़ों को देखा जाए तो कागजों पर सैकड़ो अस्पतालों व क्लीनिकों के खिलाफ कार्यवाही की गई है, लेकिन वही संचालक वहीं प्रबंधक वही डॉक्टर तमाम क्लिनिकों का नाम बदलकर दूसरे नाम से संचालन कर रहे हैं! आज तक कोई भी निजी चिकित्सालय का वह जिम्मेदार व्यक्ति जेल नहीं भेजा गया जो जनता के स्वास्थ के साथ खिलवाड कर रहा है! तमाम लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो जाए तो भ्रूण हत्या का मामला साबित हो सकता है!














Leave a Reply