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मानवता के करीब: कटनी में लावारिस शव का अपमान, नगर निगम की शर्मनाक लापरवाही

मानवता के करीब: कटनी में लावारिस शव का अपमान, नगर निगम की शर्मनाक लापरवाही

हरिशंकर पाराशर सत्यार्थ न्यूज़ संवाददाता

*कटनी, 30 जुलाई 2025*: नगर निगम कटनी की संवेदनहीनता और लापरवाही का एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने न केवल मानवता को शर्मसार किया, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। एक वायरल वीडियो ने शहरवासियों को झकझोर कर रख दिया, जिसमें नगर निगम के कचरा ढोने वाले ट्रैक्टर में एक लावारिस शव को अमानवीय ढंग से घसीटकर ट्राली में डाला जा रहा है। यह दृश्य न सिर्फ हृदयविदारक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कटनी नगर निगम की प्राथमिकताएं और संवेदनशीलता किस हद तक गिर चुकी हैं।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक लावारिस शव को कचरा ढोने वाले ट्रैक्टर में बिना किसी सम्मान के डाला गया। यह वाहन, जो सामान्यतः कचरा उठाने के लिए उपयोग किया जाता है, उसमें एक इंसान के शव को इस तरह ले जाना न केवल अमानवीय है, बल्कि यह मानव गरिमा का घोर अपमान है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना कटनी नगर निगम की व्यवस्था और संवेदनहीनता का जीता-जागता प्रमाण है।

*शव वाहन की सुविधा: केवल ‘चयनित’ लोगों के लिए?*
जानकारी के अनुसार, कटनी में शव वाहन की सुविधा महापौर के पति द्वारा संचालित “शव सेवा” के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन यह सुविधा केवल “चयनित” लोगों तक ही सीमित रहती है। लावारिस और बेसहारा लोगों के लिए यह सुविधा या तो उपलब्ध नहीं है या जानबूझकर नजरअंदाज की जाती है। सवाल उठता है कि क्या गरीब और बेसहारा लोगों के शवों की कोई कीमत नहीं? क्या उनके साथ इस तरह का व्यवहार जायज है?

*नागरिकों में आक्रोश, प्रशासन पर सवाल*
इस घटना ने स्थानीय सामाजिक संगठनों और नागरिकों में भारी रोष पैदा कर दिया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष राजा जगवानी ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति इस दुनिया से चला गया, वह भी किसी का बेटा, भाई या पिता रहा होगा। क्या उसे इस तरह अपमानजनक विदाई देना मानवता के खिलाफ नहीं है? नगर निगम और जिला प्रशासन को इस अमानवीय कृत्य के लिए जवाब देना होगा। दोषियों को तत्काल दंडित किया जाना चाहिए।”

*नगर निगम की जवाबदेही पर सवाल*
कटनी जैसे शहर में, जहां नगर निगम को नागरिकों की सेवा और उनकी गरिमा की रक्षा का दायित्व सौंपा गया है, वहां इस तरह की घटनाएं प्रशासन की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल उठाती हैं। नागरिकों का कहना है कि अगर नगर निगम के पास शव वाहन की सुविधा उपलब्ध है, तो लावारिस शवों के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों? क्या यह केवल लापरवाही है या जानबूझकर किया गया अपमान?

*आवश्यक कदम और अपील*
इस घटना ने कटनी नगर निगम और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं। लावारिस शवों के लिए उचित शव वाहन और सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था तत्काल लागू की जानी चाहिए।

*मानवता के करीब: एक अपील*
यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारा समाज और प्रशासन वास्तव में मानवता के करीब है? एक लावारिस शव का अपमान न केवल उसकी गरिमा का हनन है, बल्कि यह हमारे सामाजिक और प्रशासनिक मूल्यों पर भी एक गहरा धब्बा है। कटनी नगर निगम और जिला प्रशासन को इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए। मानवता को चोट पहुंचाने वालों को दंडित किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह लावारिस हो या बेसहारा, इस तरह के अपमान का शिकार न हो।

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