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 पौधारोपण कार्यक्रम गायत्री मंत्र के साथ गायत्री परिवार शाखा विदिशा द्वारा एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत रॉयल सिटी कॉलोनी के पार्क में हुआ आयोजित

 पौधारोपण कार्यक्रम गायत्री मंत्र के साथ गायत्री परिवार शाखा विदिशा द्वारा एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत रॉयल सिटी कॉलोनी के पार्क में हुआ आयोजित


गायत्री परिवार धर्म एवं अध्यात्म के क्षेत्र में ही काम नहीं करता बल्कि वह विभिन्न सरकारी सामाजिक योजनाओं एवं पर्यावरण के क्षेत्र में भी सेवा कार्य से विशिष्ट स्थान बनाए हुए हैं।विदिशा शहर की रॉयल सिटी कॉलोनी के पार्क में गायत्री परिवार शाखा विदिशा द्वारा वृक्षारोपण किया गया। जिसमें गायत्री परिवार के सदस्यों के अतिरिक्त नगर पालिका के पार्षद शैलेंद्र सिरवैया, लायंस क्लब के पूर्व अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा लायन अरुण कुमार सोनी, जन अभियान परिषद के कोऑर्डिनेटर दीपक बाथम, गायत्री प्रज्ञा पीठ के प्रमुख ट्रस्टी राजाराम पवार, युवा प्रकोष्ठ के मनोज शर्मा, वूमेन ग्रुप ऑफ़ अवेयरनेस सोसाइटी की पदाधिकारी श्रीमती पूजा गोयल, साधना अग्रवाल एवं साधना सोनी उपस्थित रही। इस संबंध में जानकारी देते हुए गायत्री परिवार के पूर्व जिला समन्वयक मुकेश श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि गायत्री परिवार धर्म आध्यात्म एवं समाज सेवा के क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी संस्था है। भारत ही नहीं विश्व के 80 देश में इसकी शाखाएं हैं। जिससे जुड़े करोड़ गायत्री साधक जन सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं l गायत्री परिवार द्वारा देश भर में वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण आंदोलन के रूप में निरंतर चलाया जा रहा है l इस अवसर पर अपने उदबोधन में लायन अरुण कुमार सोनी ने बताया कि कोविद काल में ऑक्सीजन का महत्व सभी ने देखा है इसलिए वृक्षारोपण करना बहुत जरूरी है। यही कारण है की प्रशासन की बिना अनुमति के किसी भी वृक्ष को काटने पर प्रतिबंध है। आपको जेल तक हो सकती है। इसलिए सामाजिक एवं शरारती लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है पार्क में लगाए गए वृक्षों को नुकसान ना पहुंचाएं वरना दंड के भागी होंगे। गायत्री प्रज्ञा पीठ कि ट्रस्टी डॉक्टर लोकेश्वरी नेमा ने जानकारी देते हुए बताया कि वृक्षारोपण हेतु पौधे गायत्री परिवार महिला मंडल की बहनों द्वारा तैयार किए गए हैं। इस कार्य में अंबिका कुमार, सुमन श्रीवास्तव, शोभा पवार गीता यादव, सुषमा गोयल, सुधा जैन एवं सुमन भदौरिया आदि का विशेष योगदान रहा।

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