महाविद्यालय में मनाया पाई दिवस
गाडरवारा l महाराणा प्रताप शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के गणित विभाग ने पाई दिवस मनाया l दुनिया भर में विश्व पाई दिवस को सेलिब्रेट किया जा रहा है मैथ्स सब्जेक्ट में दिलचस्पी रखने वाले स्टूडेंट्स, टीचर और अन्य लोगों के बीच में इस दिन को खासतौर पर सेलिब्रेट किया जाता है। पाई के मूल्य की गणना सबसे पहले आर्कमिडीज ऑफ सिरैक्यूज़ नामक गणितज्ञ ने की थी। इसके बाद, लियोनहार्ड यूलर ने 1737 में पाई के सिंबल का यूज किया था। इसके बाद, साल 1988 में अमेरिकी भौतिक विज्ञानी लैरी शॉ ने पहला पाई दिवस मनाया था। यह जानकारी आज महाराणा प्रताप शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के गणित विभाग में आयोजित पाई दिवस के अवसर पर गणित के विभागाध्यक्ष प्रो. पी. एस. कौरव ने कार्यक्रम में उपस्थित छात्र छात्राओं को दी, इस अवसर पर उपस्थित प्राचार्य डा. ए.के. जैन ने भी पाई की उपयोगिता पर जानकारी देते हुए बतलाया कि पाई का उपयोग गणित, विज्ञान और इंजीनियरिंग के कई क्षेत्रों में किया जाता है, जिसमें त्रिकोणमिति, ज्यामिति, कैलकुलस और भौतिकी शामिल हैं। पाई कंप्यूटर विज्ञान में भी महत्वपूर्ण है, जहां इसका उपयोग संख्यात्मक विश्लेषण, मशीन लर्निंग और क्रिप्टोग्राफी के लिए एल्गोरिदम में किया जाता है। में भौतिक विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील पालीवाल, डा. सुनील शर्मा, हिंदी के प्रो. जवाहर शुक्ला , डा. सतीश अग्निहोत्री,अजीत लोधी उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन अंजली दुबे एवं आभार प्रदर्शन राधिका नाथ ने किया


















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