सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता ब्यूरो चीफ
श्रीडूंगरगढ़ युवा परिषद भिवंडी ने सनातन धर्म की सेवा में बहुत प्रेरणादायक योगदान दिया है। परिषद के सदस्य पिछले कुछ वर्षों से आदिवासियों बस्तियों में कार्यरत सनातन धर्म की रक्षा और धर्म से जोड़े रखने के लिए परिषद सदस्यों ने आदिवासी बहुल क्षेत्र जूनवाणी (शहापुर तालुका) में श्रीराम मंदिर का निर्माण करवा उसकी प्राण प्रतिष्ठा समारोह पूर्वक संपन्न करवाई। संस्था अध्यक्ष जुगल चांडक ने बताया कि यह केवल एक मंदिर नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और धर्म की पुनर्स्थापना का प्रतीक है। सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि से भरे हमारे देश में सांस्कृतिक धरोहर हमारी पहचान है। धर्म,भाषा,रूपरेखा, शैली और विविध संस्कृतियों और जीवन शैलियों के बाद भी भारत एक है। उसकी आत्मा एक है। हम सब एक-दूसरे से अपनी सांस्कृतिक पहचान से जुड़े हुए हैं। इसी जुड़ाव को बढ़ाने की दिशा में प्रभु श्रीराम के मंदिर का निर्माण एक महत्वपूर्ण कदम है। विधि विधान से मंदिर स्थापना का हवन पूजन संपन्न हुआ और उसके बाद सभी ने पारंपरिक वेशभूषा में जमकर जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इस दौरान भिवंडी से अनेक गणमान्य नागरिक जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी परिषद के सदस्यों सहित हजारों की संख्या में आदिवासी समाज की इस क्षण के साक्षी बने और पूरा एरिया भक्तिमय तथा वातावरण पवित्र हो गया। इस उपलक्ष्य में महाप्रसाद का आयोजन भी किया गया सचिव ओम बिहानी ने बताया कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए और भी मंदिर निर्माण करवाने का लक्ष्य है,राम मन्दिर निर्माण के लिए हर किसी ने भागीदारी निभाई। कोषाध्यक्ष संजय बिनानी ने बताया कि वनवासी कल्याण आश्रम महाराष्ट्र के संयोजन में आयोजन संपन्न हुआ। इस दौरान आदिवासी परिवारों को राम दरबार की चित्र भेंट दिए गए। वहीं परिषद ने सभी दानदाता का आभार जताते हुए सम्मान किया।

























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