आसींद क्षेत्र के नुवालिया गांव में घर में घुसा पेंथर- बालक सहित 6 जनों को किया जख्मी
सत्यार्थ न्यूज़ अब्दुल सलाम रंगरेज
भीलवाड़ा

जिले के आसींद उपखंड में दौलतगढ़ क्षेत्र के नुवालिया गांव में एक घर में पैंथर के घुस जाने से सनसनी फैल गई और सोमवार को डर, दहशत और हंगामे का माहौल रहा। गांव में आए एक पैंथर ने हमला कर बालक समेत छह जनों को जख्मी कर दिया। इनमें से तीन को जिला मुख्यालय के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पैंथर ने एक व्यक्ति की आंख नोंच डाली तो महिला के सिर पर काट लिया। पैंथर कभी गांव में और कभी खेत में घुसकर लोगों को परेशान करता रहाजिससे नौ घंटे तक ग्रामीण दहशत में रहे।
पैंथर एक घर में घुस गया और दौड़ लगाता रहा। घर में उपस्थित परिवार के सदस्य ने पेथर के घुसने का वीडियो बना लिया। और घर वालों और आसपास के लोगों को सूचना दी।
घर के बाथरूम में घुसे पैंथर को उसमें बंद कर दिया। विभाग की टीम को सूचना दी। टीम ने नौ घंटे बाद देर शाम रेस्क्यू कर पैंथर को पिंजरे में बद किया।
जानकारी के अनुसार राजसमंद के जंगल में भूख-प्यास के कारण रास्ता भटक कर सुबह नौ बजे पैंथर नुवालिया गांव में घुसा। घर के निकट बकरियां चरा रहे दस वर्षीय बालक राजवीर भील पर हमला किया। शोर मचाने पर ग्रामीण दौड़कर आए। उसके बाद पैंथर खेत में घुस गया। वहां काम कर रहे बुजुर्ग नेनू भील व पानी देवी बलाई पर हमला किया। शोर-शराबे के कारण पैंथर जंगल में भाग गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम वहां पहुंची। घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
वन विभाग की टीम ने सुबह दस बजे गांव के बाहर पिंजरा लगाया। पैंथर पर निगरानी रखी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। दोपहर दो बजे फिर से गांव में घुस गया। कुप्पा राम बलाई के मकान में घुस गया। परिवार के लोग दहशत में आ गए और तत्काल कमरों में बंद हो गए। मोबाइल से पडोसियों को जानकारी दी। पैंथर घर में दौड़ लगाता रहा। फिर से वन विभाग की टीम पहुंची। गांव में अफरा-तफरी का माहौल हो गया और लोगों ने घरों की छत पर पहुंच दरवाजे को बंद कर दिया।
पैंथर के घर के बाथरूम में घुसने पर वनपाल नंदलाल ने बहादुरी दिखाते हुए गेट बंद कर दिया। पैंथर अंदर दहाड़ता रहा। बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।
उपवन संरक्षक गौरव गर्ग ने बताया कि राजसमंद वाइल्ड लाइफ टीम सहायक वनसंरक्षक मुन्नी चौधरी की अगुवाई में मौके पर पहुंची। टीम ने बाथरूम में मौजूद पैंथर को ट्रैंकुलाइज किया। लेकिन पैंथर बेहोश नहीं हुआ। दुबारा से ट्रैंकुलाइज करने पर बेहोश पैंथर को सावधानी से बाहर निकाल कर पिंजरे में डाला गया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। उपवन संरक्षक गौरव गर्ग ने बताया कि हम लोग विकास में इतने मशहूर है कि आबादी जंगलों तक पहुंच गई है। जिससे आए दिन ऐसी घटनाएं होती है।














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