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जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही जल अभाव क्षेत्र घोषित होने, तथा नलकूप खनन में पूर्णता प्रतिबंध होने के बावजूद बोर खनन जारी,

जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही जल अभाव क्षेत्र घोषित होने, तथा नलकूप खनन में पूर्णता प्रतिबंध होने के बावजूद बोर खनन जारी,

कलेक्टर के आदेशों का उड़ाई जा रही धज्जियां, लगातार आ रहीं नलकूप खनन का मामला, जिला प्रशासन मौन…

भारत बोरवेलस पेंड्रा कि मनमानी रवैया, भुगतना पड़ सकता हैं भारी खामियाजा।

सूरज यादव, गौरेला पेंड्रा मरवाही। ग्रीष्म ऋतु में पेयजल कि उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग में लाते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी लीना कमलेश मांडवी के द्वारा गौरेला पेंड्रा मरवाही संपूर्ण जिले को 8 अप्रैल से आगामी आदेश पर्यंत तक जल अभाव क्षेत्र घोषित कर दिया गया हैं। वहीं एक तरफ जीपीएम जिले को जल अभाव क्षेत्र पूर्व में ही घोषित किया गया था, लेकिन वहीं लगातार नलकूप खनन का मामला सामने आ रहा हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के तहत बता दे कि बीते दिन गुरुवार को भारत बोरवेल्स पेंड्रा के द्वारा मरवाही विकास खण्ड के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत उषाढ़ में नियम विरुद्ध बोर खनन किया गया हैं।

इसके अतिरिक्त भी कई सारे बोर खनन को नियम विरुद्ध तरीके से जिले में अंजाम दिया जा रहा हैं। वहीं जिला प्रशासन को कानों कान भनक भी नहीं लग पाती हैं, और जिले में बोरवेल्स मालिकों के द्वारा बोर खनन कर दिया जाता हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन कि ओर से इस नियम विरुद्ध बोर खनन में किस तरह का कार्यवाई देखने को मिलता हैं। क्या इसी तरह नियम विरुद्ध बोर खनन करने के लिए भारत वेल्स के हौसले लगातार बुलंद होते रहेगें, या फिर कोई प्रशासनिक कार्रवाई भी होगी।

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