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लगातार सीखने से ही प्रभावी नेतृत्व संभव -प्राचार्य एम पी डुंगडुंग

लगातार सीखने से ही प्रभावी नेतृत्व संभव -प्राचार्य एम पी डुंगडुंग

15 लक्ष्यों पर फोकस करके बदलेंगे स्कूलों की तस्वीर

हरिशंकर पाराशर सत्यार्थ न्यूज़ संवाददाता


कटनी – कलेक्टर दिलीप कुमार यादव के मार्गदर्शन में डाइट कटनी में जिले की सभी शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के प्रधानाध्यापकों को विकासखंड वार 6 चरणों में पांच दिवसीय लीडरशिप प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण में 6 मुख्य क्षेत्र सतत व्यावसायिक विकास हेतु लीडरशिप पाथ, विद्यालय सुधार हेतु परिवर्तनकारी नेतृत्व, भारत में प्रधानाध्यापकों की भूमिका का पुनः परिभाषीकरण, सीखने और विकास के लिए एक आधार के रूप में विद्यालय, विद्यालय नेतृत्व परिवर्तन के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत, समानता और समता, समता एक अवधारणा के रूप में, समता एक उपकरण के रूप में, समानुभूति: विद्यालय प्रमुखों के व्यावसायिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कौशल, एजूकेशन फॉर क्रिटिकल थिंकिंग, राष्ट्रीय स्तर की समावेशी शिक्षा नीति, दिव्यांग बच्चों के संदर्भ में शिक्षण अधिगम प्रक्रियाओं का रूपांतरण, हितधारकों के साथ विद्यालय उन्नयन हेतु साझेदारी, स्कूल आधारित बदलाव के लिए आगामी लीडरशिप तैयार करना शामिल है। यह प्रशिक्षण स्रोत समूह सदस्यों द्वारा राज्य स्तर से प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात दिया जा रहा है |

डाइट प्राचार्य एम पी डुंगडुंग द्वारा सभी प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण के पश्चात पंद्रह लक्ष्यों पर कार्य करने हेतु आदेशित किया गया है| इन लक्ष्यो में शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना, निरंतर सीखते रहना, स्वयं को एवं अपने स्कूल को रोल मॉडल के रूप में विकसित करना, शिक्षकों के अकादमिक कार्यों की निरंतर समीक्षा करना, स्कूल के छात्रों को शुरुआत से ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये तैयार करना, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा हेतु पालकों को बच्चों के प्रत्येक टेस्ट की कॉपियों का अवलोकन कराना, शाला विकास में पालकों एवं जन प्रतिनिधियों का सहयोग लेना, आकर्षक पुस्तकालय स्थापना, सत्र के प्रारंभ से ही टाइम टेबल के अनुसार अध्यापन की गतिविधि आदि शामिल है। आगामी सत्र में स्कूल मॉनिटरिंग इन्हीं लक्ष्यों पर केंद्रित रहेगी।

प्रशिक्षण के अंतिम दिवस प्रतिभागियों द्वारा डाइट के पुस्तकालय का भ्रमण एवं डीएलएड छात्राध्यापको द्वारा निर्मित शिक्षण सहायक सामग्री का अवलोकन किया गया। जिससे सभी स्कूल अपनी अपनी शालाओं में व्यवस्थित पुस्तकालय स्थापित कर बच्चों एवं शिक्षकों में पढ़ने की संस्कृति का विकास कर सकेंगे एवं टीएलएम का उपयोग कर शिक्षण को प्रभावी बनायेंगे। सभी प्रधानाध्यापकों द्वारा यह संकल्प व्यक्त किया गया कि वे शिक्षकों, बच्चों और पालकों के सहयोग से अपने विद्यालयों में अपेक्षित परिवर्तन लायेंगे और शिक्षा की गुणवत्ता उनका प्राथमिक लक्ष्य रहेगा। अपने लक्ष्यों पर फोकस करने हेतु टीम हार्टफुलनेस से पॉलिटेकनिक महाविद्यालय के प्राचार्य नरेन्द्र बरखेड़कर, डॉ. श्रीराम पाठक, विकास श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागियों को ध्यान की गतिविधि कराई। प्रतिभागियों ने महसूस किया कि वे इससे अपने कार्यों को अधिक फोकस के साथ कर पायेंगे। स्टोरी टेलर मनीष सोनी द्वारा किसी कहानी को सुनाने हेतु की जाने वाली तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लीडर आनंदम अनिल कांबले द्वारा चिंता को प्रभाव के दायरे में बदलने की तकनीक पर गहन चर्चा की गई। शिक्षिका सपना मिश्रा द्वारा बाल साहित्य में कविता लेखन की रोचक गतिविधि कराई गई।

प्रशिक्षण के दौरान डाइट फेकल्टी कल्पना खरे, राकेश सिननरकर, ज्योति श्रीवास्तव, राजेन्द्र असाटी, उमाशंकर सैनी, मंगलदीन पटेल, महेंद्र मिश्रा, राकेश विश्वकर्मा, धनराज बर्मन, सुमित गर्ग , श्रद्धांजलि शुक्ला, राकेश गौतम द्वारा लीडरशिप स्किल्स पर विशिष्ट उदाहरणों के माध्यम से चर्चा की गई। प्रशिक्षण संबंधी व्यवस्थाओं में राजेश गुप्ता, किशोर शर्मा, सतेंद्र कोरी, विक्रम, गोविन्द, मंजू, संतोष ने सहयोग प्रदान किया।

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