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दुलचासर में भागवत कथा का दूसरा दिन : प्रभु से बढ़कर कोई और सुख और सम्पदा नहीं, भागवत कथा श्रवण करने वालों का सदैव होता है कल्याण

सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता मीडिया प्रभारी

क्षेत्र के गांव दुलचासर के मूंधड़ा भवन में शुक्रवार से संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के दूसरे दिन शनिवार को कथा में अमर कथा और शुकदेवजी के जन्म का वृतांत का विस्तार से वर्णन किया गया। कथा वाचक श्रीकोलायतजी के दशनाम आश्रम के महंत सत्यानंद गिरी महाराज ने कथा की शुरुआत करते हुए कहा कि आप सभी पर ठाकुर जी की कृपा है। जिसकी वजह से आप सभी कथा का आनंद ले रहे है। श्रीमद भगवत कथा का रसपान कर पा रहें हैं क्योंकि जिन्हें गोविन्द प्रदान करते है जितना प्रदान करते है उसे उतना ही मिलता है। कथा में यह भी बताया की अगर आप भागवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं, कुछ सीखना चाहते है तो कथा में प्यासे बन कर आए,कुछ सीखने के उद्देश्य से,कुछ पाने के उद्देश्य से आएं तो ये भागवत कथा जरूर आपको कुछ नहीं बल्कि बहुत कुछ देगी। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है,लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। उसका सारा ध्यान संसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है। मानव जीवन का उद्देश्य कृष्ण प्राप्ति शाश्वत है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का उद्देश्य कृष्ण को पाकर ही जीवन छोड़ना है और अगर हम ये दृढ़ निश्चय कर लेंगे कि हमें जीवन में कृष्ण को पाना ही है तो हमारे लिए इससे प्रभु से बढ़कर कोई और सुख,संपत्ति या सम्पदा नहीं है।
कथा के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

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