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भगवान की कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बताती है – सुश्री मोनिका पारीक

भगवान की कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बताती है – सुश्री मोनिका पारीक

बीदासर (महेश भोभरिया) कस्बे के टांटिया अस्पताल के पीछे वार्ड नो स्थित घिंटालिया बास में रामेश्वर लाल केशर मल सांखला के सौजन्य से चल रही भागवत कथा के दूसरे दिन गुरुवार को नोखा की कथा वाचक सुश्री मोनिका पारीक ने कहा कि भागवत कथा मुक्ति का मार्ग है, तथा भागवत सुनने मात्र से मनुष्य का कल्याण हो जाता है।

इसलिए कथा सुनने के लिए सभी को समय निकालना चाहिये। उन्होंने कहा कि भगवान की कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बता देती है। भागवत के चार अक्षर इसका तात्पर्य यह है कि भा से भक्ति, ग से ज्ञान, व से वैराग्य और त से त्याग जो हमारे जीवन में प्रदान करें, उसे हम भागवत कहते है। पारीक ने कहा कि भक्ति में ही शक्ति है। यदि सच्चे मन से भगवान को याद किया जाता है, तो वें दौड़े चले आते है।

कथा के शुभारंभ पर व्यासपीठ की पूजा अर्चना मुख्य यजमान केशर मल सांखला, रामेश्वर लाल, पार्षद ललित सांखला, रामनिवास सांखला, प्रकाश सांखला, नंदलाल, कमल, अनिल, हेमराज, सुनील सांखला, बजरंगलाल खंडेलिया, मूलचंद टाक, नंदकिशोर महावर, रामजी गहलोत, श्रवण टाक, लक्ष्मीनारायण टाक, पुसराज गौड़, मांगीलाल जांगिड़, महाराज संजयनंद, चनणाराम सांखला, कालूराम सांखला, मदनलाल भोभरिया सहित अनेक श्रृद्धालुओं ने की।

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