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सोनभद्र -*लोक निर्माण विभाग द्वितीय में भ्रष्टाचार का खुला खेल,विभाग में तैनात बाबू बना ठेकेदार*

।*लोक निर्माण विभाग द्वितीय में भ्रष्टाचार का खुला खेल,विभाग में तैनात बाबू बना ठेकेदार*

 

*किसी परिचित महिला के नाम से ठीकेदारी कर रहा बाबू सड़क निर्माण में कर रहा भ्रष्टाचार*

 

 

*सोनभद्र*/सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

Mo 9580757830

 

सोनभद्र में लोक निर्माण विभाग द्वितीय में नियमों को ताक पर रखकर ठेकेदारी टेंडर प्रक्रिया करने का मामला प्रकाश में आया है वही पीडब्ल्यूडी ऑफिस में तैनात एक बाबू ने सारे नियम कानून की धज्जियां

उड़ाते हुए किसी परिचित महिला के नाम से ठेकेदारी टेंडर लेकर कर रहा है ठेकेदारी और सड़क निर्माण में हो रहा भारी भ्रष्टाचार।

सूत्रों के अनुसार पीडब्ल्यूडी खंड – 2 में कार्यरत बाबू द्वारा अपने किसी परिचित महिला के नाम ठेकेदारी का रजिस्ट्रेशन करवाकर बकायदा ठेकेदारी कर रहा है विभाग के उच्चाधिकारियों को कानो कान खबर नहीं या विभाग की मिली भगत से भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है। अब सवाल उठता है कि जिस विभाग के बाबू किसी महिला के नाम टेंडर हो तो क्या सड़कें गुणवत्ता पूर्ण ढंग से बनाई जाएंगी ।

वर्तमान में नगवां ब्लॉक के ग्राम पंचायत सिकरवार में गांव से पुलिस चौकी सरई गढ़ तक उक्त बाबू द्वारा लगभग एक किमी रोड का निर्माण कार्य कराया गया है जब इसकी गुणवत्ता को लेकर बाबू से सेलफोन पर वार्ता की गई तो बाबू की दबंगई सामने आई बाबू का कहना है कि कोई मेरा कुछ नही कर पायेगा जाओ जांच करवाकर देख लो इस प्रकार की भाषा का प्रयोग एक पत्रकार के साथ करना उक्त बाबू की दबंगई को दर्शाता है।

उक्त बाबू ठेकेदारी में व्यस्तता के बीच क्या ऑफिस में समय देता होगा, या सरकारी वेतन उठा रहा बाबू हर महीने लगा रहा सरकार को चुना

सूत्रों की मानी जाय तो बाबू ने अपनी पत्नी के नाम से प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग में रजिस्ट्रेशन के लिए अर्जी दिया है जिसकी प्रक्रिया चल रही है।

जब इस संबंध में एक्सियन लोक निर्माण खंड -2 गोविंद यादव से सेलफोन पर वार्ता कर पूछा गया कि क्या विभाग में तैनात बाबू उसी विभाग का ठेकेदार हो सकता है तो उनका कहना था कि हमे एक डेढ़ साल आए हुआ है किसने रजिस्ट्रेशन दिया है या वो ठेकेदारी करता है या किसी महिला के नाम रजिस्ट्रेशन है इसकी हमे जानकारी नहीं है।

विडंबना देखिए की जिस विभाग में सारे नियमों को ताक पर रख कर रजिस्ट्रेशन दिए जा रहे हो बाबू ऑफिस में बैठकर ठेकेदारी करता हो और उसी विभाग के उच्चाधिकारी को पता नहीं है।

इस पूरे प्रकरण जो पीडब्ल्यूडी विभाग में चल रहा है जिलाधिकारी सोनभद्र को उच्चस्तरीय जांच करवाकर संबंधित दोषियों के ऊपर कठोर कार्रवाई की जाय जिससे की विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाई जा सके।

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