शिविर की अहमियत को समझते हुए आवेदनों का जल्द से जल्द निराकरण करने का प्रयास करें : समीरा पैकरा जिला पंचायत अध्यक्ष
पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ दिलाने और समस्याओं का त्वरित निराकरण करने कलेक्टर ने दिए निर्देश,
जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में उषाढ़ में आयोजित जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर में 32 आवेदन मौके पर ही निराकृत,
विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित,

सूरज यादव, गौरेला पेंड्रा मरवाही। विधायक, कलेक्टर, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला मुख्यालय से अंतिम छोर के ग्राम पंचायत उषाढ़ में आज जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित कुल 432 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 32 आवेदनों का निराकरण शिविर स्थल पर ही त्वरित रूप से किया गया। शेष आवेदनों को यथाशीघ्र निराकृत करने संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। शिविर में पंचायत विभाग को 124, राजस्व विभाग को 120, खाद्य विभाग को 44, पशु चिकित्सा विभाग को 30, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को 26, विद्युत विभाग को 16, महिला एवं बाल विकास विभाग को 14, प्रधानमंत्री ग्राम संड़क योजना को 12, वन विभाग को 11, शिक्षा, जल संसाधन एवं कृषि विभाग को सात-सात, सहकारिता एवं समाज कल्याण विभाग को तीन-तीन, स्वास्थ्य एवं क्रेड़ा विभाग को दो-दो और मत्स्य, पुलिस, आदिवासी विकास एवं परिवहन विभाग को एक-एक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से पशु चिकित्सा विभाग द्वारा 22, खाद्य विभाग द्वारा 4, स्वास्थ्य एवं सहकारिता विभाग द्वारा 2-2 और राजस्व एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा 1-1 आवेदनों का शिविर स्थल पर ही निराकरण किया गया।शिविर में विधायक प्रणव कुमार मरपची ने कहा कि गरीब एवं भोले-भाले ग्रामीणों की सुविधा के लिए सरकार द्वारा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाता है। उन्होंने जिला अधिकारियों को शिविर की अहमियत को समझने और गंभीरता से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शिविर में प्राप्त आवेदनों का जल्द से जल्द निराकरण करने का प्रयास करने कहा। उन्होंने कहा कि जागरूक लोग अपना काम करा लेते हैं लेकिन गरीब एवं भोले-भाले लोग जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाते, उन्हें शिविर का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण करने और निराकरण की जानकारी से उन्हें भी अवगत कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीणों की सुविधा के लिए पंचायत स्तर पर जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर में एक ही स्थान पर सभी विभागों के जिला, अनुविभाग एवं खण्डस्तरीय अधिकारी उपस्थित होकर विभागीय योजनाओं की जानकारी एवं लाभ लेने के लिए पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया आदि की जानकारी देते हैं। साथ ही मांगों एवं समस्याओं का समाधान भी किया जाता है। उन्होंने जिला अधिकारियों को पात्रता के अनुसार सभी हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग की अपील करते हुए अधिक से अधिक लोगों को शिविर से लाभान्वित कराने कहा।

जिला पंचायत की अध्यक्ष समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह एवं सदस्य बूंदकुंवर मास्को ने दूरस्थ क्षेत्र में जिला स्तरीय शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को योजनाओं से लाभान्वित करने एवं उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण के लिए जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया। साथ ही ग्रामीणों को शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने आग्रह किया। जिला पंचायत सदस्य बूंदकुंवर मास्को ने कहा कि उषाढ़, बेलझिरिया भालू एवं हाथी प्रभावित क्षेत्र हैं। उन्होंने भालू-हाथी द्वारा क्षति पहुंचाने पर शीघ्रता से मुआवजा राशि दिलाने, चनाडोंगरी, तेंदूमुड़ा, परासी सहित कई पंचायतों में समुचित पेयजल उपलब्ध कराने तथा सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने में शासन प्रशासन को मिलकर कार्य करने कहा। शिविर में सभी जिला अधिकारियों ने बारी बारी से विभागीय योजनाओं और शिविर स्थल पर प्राप्त आवेदन एवं उसके निराकरण के संबंध में जानकारी दी। विभागों द्वारा शिविर स्थल पर विभागीय स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी के साथ ही जनसमस्याओं-मांगों का समाधान किया गया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकतानुसार दवा वितरीत किया गया। कृषि विभाग के स्टॉल में किसानों का पंजीयन एवं परिवहन विभाग के स्टॉल में ड्रायविंग लायसेंस बनाया गया। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना के तहत पांच गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और पांच शिशुवती महिलाओं के बच्चो का अन्नप्राशन कराया गया। शिविर में समाज कल्याण विभाग की दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना, उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना एवं सहायक उपकरण योजना के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। शिविर में 24 स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र एवं राजस्व विभाग द्वारा किसान किताब प्रदान किया गया। जनसमस्या निवारण शिविर में जिला पंचायत सदस्य राधा मुरारी रैदास एवं राजेश नंदिनी, जनपद अध्यक्ष जानकी कुसरो एवं उपाध्यक्ष अरविंद जायसवाल, जनपद सदस्य किशमिश भानू, सरपंच गेंदलाल सहित अनेक नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक, एसडीएम प्रफुल्ल रजक, तहसीलदार प्रीति शर्मा, जनपद सीईओ विनय सागर, सभी विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।


















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