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कुमार विश्वास ने कहा- जिन्होंने राम को काल्पनिक कहा:वो खुद ही काल्पनिक होने की कगार पर पहुंचे

कुमार विश्वास ने कहा- जिन्होंने राम को काल्पनिक कहा:वो खुद ही काल्पनिक होने की कगार पर पहुंचे;

सत्यार्थ: Praveen kumar Dubey Repote

 राम कथा कलयुग को काटने वाली कुल्हाड़ी
सहारनपुर

 


कवि कुमार विश्वास की फाइल फोटो।

सहारनपुर में कथावाचक और कवि डॉ. कुमार विश्वास ‘अपने अपने राम’ इवेंट में राम कथा सुना रहे हैं। मंगल भवन, अमंगल हारी…से राम कथा की शुरुआत की। उन्होंने कहा- जिन लोगों ने प्रभु राम को काल्पनिक बताया, बाद में वही वही लोग काल्पनिक होने के कगार पर पहुंच गए। इसको किसी राजनीतिक पार्टी से जोड़कर न देखा जाए।

कुमार विश्वास इंद्र के बेटे जयंत की कथा सुनाते हैं। कहते हैं- एक बार इंद्र पूजा कर रहे थे। जयंत वहां पहुंचते हैं। पूछते हैं- किनकी पूजा कर रहे हैं? इंद्र कहते हैं- सबसे बड़ भगवान की। वह पूछते हैं? कौन- ब्रह्मा, वह कहते हैं- नहीं। कौन- शंकर भगवान? वह कहते हैं- नहीं… राम। जयंत कहते हैं- वह कौन हैं? तब इंद्र 3 बादलों को हटाया और उनके बीच से दृष्टि डलवाई।

कुमार विश्वास अपनी कहानी के जरिए पॉलिटिकल कटाक्ष भी करते रहे।
कुमार विश्वास अपनी कहानी के जरिए पॉलिटिकल कटाक्ष भी करते रहे।
तब प्रभु राम चित्रकूट में माता सीता के पैरों में महावर लगा रहे थे। जयंत कहते हैं- क्या ये इतने बड़े देव हैं? पिताजी आपको भ्रम हो गया है। जयंत ने कौआ बनकर पृथ्वी पर आता है और माता सीता के पैर की सबसे छोटी उंगली पर चोंच मारता है। वहां रक्त निकल पड़ता है। राम इस पर कौआ पर सरकंडे फेंककर मारते है, वह रामबाण बन जाता है। कौआ गोल-गोल भागा। बाण भी पीछे-पीछे लगा रहा।

वह कहते हैं- इंद्रों के बेटों की एक दिक्कत और है, मुश्किल में पिता के पास ही पहुंचते हैं। वह देखते हैं कि जयंत ने माता सीता के पैर में चोट पहुंचाई है। इंद्र ने स्वर्ग के दरवाजे बंद करवा दिए। इसके बाद जयंत मदद के लिए ब्रह्मा और शिव के पास पहुंचता है। मगर वह लोग यही कहते हैं कि तुम्हें वही बचाएंगे जिनकी पत्नी को तुमने चोट पहुंचाई है।

जब ब्रह्मा और शंकर भगवान से मदद नहीं मिली। तब जयंत को भागते हुए नारद जी दिखते हैं। वह उनसे भी मदद मंगता है। वह कहते हैं कि मदद तो तुम्हें मिलेगी, मगर वह राम जी ही कर सकते हैं। उनकी शरण में ही जाओ। जयंत वापस चित्रकूट पहुंचता है। प्रभु राम की जयजयकार करता है। प्रभु चिंरजीवी होने का आशीर्वाद देते हैं। जयंत कहते हैं कि मुझे बचा लीजिए। राम कहते हैं- तुम शरण में आए हो। तुम्हें कुछ नहीं होगा। मगर ये रामबाण है, तुम्हें नुकसान तो होगा। वह बाण कौआ की एक आंख पर लगता है। यही वजह है कि हजारों साल बाद भी कौआ की एक आंख नहीं होती है।

3 घंटे की रामकथा में पहुंचे डॉ. कुमार विश्वास
सहारनपुर में चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज (CIS) समन्वय-2025 हो रहा हैं। शाम 7 बजे से स्वास्तिक रिसॉर्ट अं बाला रोड पर आयोजन शुरू हुआ है।

चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज के अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी ने बताया कि CIS साहित्यिक संध्या का आयोजन करने जा रहा है। यहां 3 हजार लोग सुनने के लिए पहुंचे हैं।
[13:42, 24/03/2025] सत्यार्थ: Praveen kumar Dubey Repote

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