फेक “एनसीआर पोर्टल” ब्राउज़र लॉक स्कैम: साइबर अपराधियों का नया जाल
संवाददाता प्रवीण चौबे
जयप्रकाश सिंह, साइबर क्राइम ऑफिसर द्वारा जागरूकता अभियान

हाल ही में साइबर अपराधियों द्वारा एक नया ब्राउज़र लॉक स्कैम देखा गया है, जिसमें उपयोगकर्ताओं को यह दिखाया जाता है कि उनका लैपटॉप या कंप्यूटर “राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल” (NCR Portal) द्वारा ब्लॉक कर दिया गया है। इस फ़ेक नोटिस में लिखा होता है कि उपयोगकर्ता ने अवैध सामग्री देखी है और उसे भारी जुर्माना (₹15,000-₹28,000) देने का आदेश दिया जाता है।
कैसे काम करता है यह स्कैम?
1. पोर्न वेबसाइट्स पर क्लिक करने वाले फंसते हैं – यह स्कैम मुख्य रूप से उन लोगों को निशाना बनाता है जो अश्लील या गैरकानूनी वेबसाइट्स पर विजिट करते हैं।
2. फुल स्क्रीन ब्राउज़र लॉक – जब कोई उपयोगकर्ता इन संदिग्ध वेबसाइट्स पर विजिट करता है, तो उनका ब्राउज़र एक फेक पेज लोड कर देता है, जो पूरे स्क्रीन पर आ जाता है।
3. फर्जी सरकारी चेतावनी – इसमें “Your Computer has been Blocked” लिखा होता है और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 1860/292/293 का जिक्र किया जाता है।
4. फर्जी जुर्माना और पेमेंट डिटेल्स – इसमें उपयोगकर्ता को डराने के लिए लिखा जाता है कि अगर वह तुरंत ₹28,750 का भुगतान नहीं करता है, तो उसकी सारी जानकारी पुलिस को भेज दी जाएगी और उसे गिरफ्तार किया जा सकता है।
5. साइबर अपराधियों के नंबर – पीड़ित को निर्देश दिया जाता है कि वह किसी खास मोबाइल नंबर पर संपर्क करे और पेमेंट करे।
कैसे बचें इस तरह के स्कैम से?
साइबर क्राइम ऑफिसर जयप्रकाश सिंह, जो साइबर सुरक्षा और जागरूकता अभियानों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, बताते हैं कि ऐसे स्कैम से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:
✅ घबराएं नहीं और जुर्माना न भरें – यह पूरी तरह से फर्जी संदेश है। भारतीय साइबर क्राइम सेल किसी को इस तरह से ऑनलाइन भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं करती।
✅ ब्राउज़र को फोर्स क्लोज करें – अगर आपका ब्राउज़र लॉक हो जाए तो Ctrl + Shift + Esc दबाकर “Task Manager” खोलें और ब्राउज़र को फोर्स क्लोज करें।
✅ ब्राउज़र का कैश और कुकीज़ क्लियर करें – ब्राउज़र को दोबारा खोलने से पहले कैश और कुकीज़ डिलीट करें ताकि फेक पेज फिर से न खुले।
✅ सिस्टम को स्कैन करें – किसी एंटीवायरस या मालवेयर रिमूवल टूल (जैसे Malwarebytes) से अपने सिस्टम की जांच करें।
✅ संदिग्ध वेबसाइट्स से बचें – कभी भी अवैध, फ्री मूवी स्ट्रीमिंग, पोर्नोग्राफी या क्रैक सॉफ़्टवेयर वाली वेबसाइट्स पर न जाएं। ये सबसे ज्यादा ऐसे हमलों के लिए जिम्मेदार होती हैं।
✅ साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें – अगर आपके साथ ऐसा कुछ होता है तो राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।
जयप्रकाश सिंह का योगदान और सराहनीय प्रयास
जयप्रकाश सिंह, जो एक साइबर क्राइम अधिकारी और साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों के विशेषज्ञ हैं, लगातार इस तरह के साइबर अपराधों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। हाल ही में, उन्होंने भारतीय वायुसेना (Air Force) के लिए एक विशेष साइबर सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किया, जिसके लिए उन्हें कमांडिंग ऑफिसर द्वारा प्रशस्ति पत्र (Certificate of Appreciation) भी दिया गया।
उनकी सलाह से हजारों लोग साइबर धोखाधड़ी से बच रहे हैं और वे लगातार ऑनलाइन सेमिनार, वर्कशॉप और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं।
निष्कर्ष
“ब्राउज़र लॉक स्कैम” एक नया साइबर जाल है, जो लोगों को डराकर पैसे ऐंठने की कोशिश करता है। अगर आपको ऐसा कोई संदेश दिखे तो बिल्कुल भी घबराएं नहीं और तुरंत इसे बंद करके साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें। जयप्रकाश सिंह जैसे विशेषज्ञों की मदद से हम सभी मिलकर साइबर अपराधियों के खिलाफ लड़ सकते हैं और डिजिटल दुनिया को सुरक्षित बना सकते हैं।
















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