सपनों की उड़ान: मध्य प्रदेश की बेटी संजू सूर्यवंशी ने रचा इतिहास!”
गर्व का क्षण – संघर्ष, समर्पण और सफलता की प्रेरणादायक गाथा

कहते हैं कि “संघर्ष जितना कठिन होता है, जीत उतनी ही शानदार होती है।” इस कथन को साकार किया है मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के ग्राम भंडावद की होनहार बेटी, संजू सूर्यवंशी ने, जिन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। यह सिर्फ एक परीक्षा में टॉप करने की उपलब्धि नहीं, बल्कि एक साधारण किसान परिवार से निकलकर असाधारण सफलता अर्जित करने की गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय की मिसाल
संजू सूर्यवंशी एक साधारण मध्यमवर्गीय किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जहां संसाधन सीमित थे, लेकिन सपनों की ऊंचाई अनंत थी। उनके पिता हरिलाल जी सूर्यवंशी एक मेहनती किसान हैं, और माता कैलाश बाई एक गृहिणी हैं। माता-पिता ने अपनी संतान को ऊंची उड़ान देने के लिए हर संभव प्रयास किया, और संजू ने भी उनके विश्वास को न केवल कायम रखा, बल्कि उसे एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
अभूतपूर्व परीक्षा परिणाम – प्रदेश में अव्वल स्थान
संजू ने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से जो उपलब्धि हासिल की, वह किसी स्वप्न से कम नहीं।
2023 में आयोजित एमपी पुलिस कांस्टेबल लिखित परीक्षा में 78 अंक अर्जित किए, जो उनकी शैक्षणिक प्रतिभा और बौद्धिक क्षमता को दर्शाता है।
2024 के फिजिकल टेस्ट में उन्होंने 93 अंकों के साथ जबरदस्त प्रदर्शन किया, जो उनकी शारीरिक फिटनेस और दृढ़ निश्चय का प्रमाण है।
इससे पूर्व भी वे वर्ग-3 एवं सीआरपीएफ जैसी कठिन परीक्षाओं को क्वालिफाई कर चुकी हैं, जिससे यह साबित होता है कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।
शिक्षा का स्वर्णिम सफर
संजू की शुरुआती शिक्षा उनके गांव भंडावद के विद्यालय में हुई, जहां से उन्होंने प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने माध्यमिक शिक्षा नलखेड़ा में पूरी की और फिर उच्च शिक्षा उज्जैन से प्राप्त की। उनका शैक्षणिक जीवन शुरुआत से ही अनुशासन, मेहनत और समर्पण से भरा रहा, जिसके चलते उन्होंने हर स्तर पर खुद को साबित किया।
गांव और परिवार के लिए गौरव का पल
संजू सूर्यवंशी की यह ऐतिहासिक उपलब्धि सिर्फ उनके परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि यह पूरे ग्राम भंडावद, तहसील नलखेड़ा और आगर मालवा जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। जब किसी छोटे से गांव की बेटी अपनी मेहनत से प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करती है, तो वह न केवल परिवार और समाज की प्रेरणा बनती है, बल्कि पूरे प्रदेश को यह संदेश देती है कि अगर दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत
संजू सूर्यवंशी की सफलता उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम कर रहे हैं। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हों, यदि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास साथ हो, तो सफलता आपके कदम चूमती है।
समाज के लिए गर्व और प्रेरणा
उनकी इस असाधारण उपलब्धि ने समाज में यह संदेश दिया है कि सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि गांवों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती। आवश्यकता सिर्फ सही मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और सतत मेहनत की होती है। संजू की यह सफलता उन सभी अभिभावकों के लिए भी एक प्रेरणा है, जो अपनी बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
भविष्य के लिए शुभकामनाएं
संजू सूर्यवंशी की यह ऐतिहासिक उपलब्धि निश्चित रूप से मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में उनकी एक मजबूत और गौरवशाली यात्रा की शुरुआत है। उनके उज्जवल भविष्य के लिए संपूर्ण समाज, गांव और प्रदेश की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।
“बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ” का साक्षात उदाहरण बनीं संजू सूर्यवंशी, जिन्होंने साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती। संजू, तुमने सिर्फ अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। तुम पर हमें गर्व है!”
बधाई हो, संजू! सफलता की यह यात्रा निरंतर जारी रहे!
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