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अपर जिलाधिकारी द्वारा पन्नालाल सभागार  में इंटरनेट से सम्बंधित की गई बैठक

अपर जिलाधिकारी द्वारा पन्नालाल सभागार  में इंटरनेट से सम्बंधित की गई बैठक

सत्यार्थ न्यूज:-वरिष्ठ पत्रकार हरिकृष्ण शुक्ल उन्नाव उत्तर प्रदेश
सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सुश्री चित्रा शर्मा व अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री नव प्रभात रंजन द्वारा इंटरनेट केे सुरक्षित उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी।
उन्नाव:-जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी के निर्देशन व अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) श्री सुशील कुमार गोंड एवं अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) श्री विकास कुमार सिंह की उपस्थिति में सुरक्षित इंटरनेट की तरफ जागरूकता बढाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट स्थित पन्नालाल सभागार में सुरक्षित इंटरनेट दिवस (Safer Internet Day )   मनाया गया। 
सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सुश्री चित्रा शर्मा व अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री नव प्रभात रंजन द्वारा इंटरनेट केे सुरक्षित उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी। बताया गया कि आजकल के दौर में इंटरनेट का उपयोग हर क्षेत्र में किया जा रहा है। इंटरनेट उपयोग के कई लाभ व हानियां हैं। हमें सोच समझ कर व विश्वसनीय ऐप्स एवं वेबसाइट्स का उपयोग कर इंटरनेट का इस्तेमाल करना चाहिए। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी द्वारा फिशिंग, इस्मिशिंग, विशिंग, यूपीआई, इन्वेस्टमेंट व फाइनंेशियल फ्राॅड्स, मनी रिफंड, लाॅटरी स्कैम्स, इंस्टेंट लोन स्कैम्स आदि विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में भी जानकारी दी गयी। उन्होने बताया कि जागरूकता, इंटरनेट इथिक्स व साइबर हाईजीन का उपयोग कर विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। 
अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी द्वारा सुरक्षित इंटरनेट के संबंध में बताया गया कि कभी भी काॅल्स पर अपनी संवेदनशील जानकारी जैसे ओटीपी, आधार, पैन या बैंक विवरण साझा न करें। अनियंत्रित आधार भुगतान सूचनाओं से सर्तक रहें। कभी भी अज्ञात नंबरों से आने वाले लिंक पर क्लिक न करें जो केवाईसी अपडेट के बहाने आपकी संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए निवेदन करे। कभी भी अज्ञात नंबरों से आने वाली काॅल्स पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या पैसों से संबंधित मांग को पूरा न करे। सतर्क रहे-कभी भी भुगतान प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन या ओटीपी/पीआईएन साझा न करें, ये स्कैम के तरीके हो सकते हैं। टीआरएआई या टेलीकाॅम विभाग के नाम पर आने वाली काॅल्स पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही करने से बचें। अपनी व्यक्तिगत जानकारी आॅनलाइन साझा न करें, और अपनी डिजिटल पहचना को सुरक्षित रखें। वास्तविक कूरियर सेवाएं बिना बुकिंग किए पार्सल के लिए कोई शुल्क नहीं लेती। उच्चलाभ के प्रति प्रेरित करने वाले आॅनलाइन निवेश आॅफरों से बचें। अपने मोबाइल पर ऐप्स की नियमित जाॅच करें-अनावश्यक अनुमतियाॅ रद्द करें और अनुपयोगी ऐप्स को हटा दें। कोई सरकारी एजेंसी (पुलिस, सीबीआई, ईडी) वीडियो पर वाॅयस काॅल्स के माध्यम से आपकी जांच या गिरफ्तारी नहीं कर सकती। संवेदनशील लेन-देन जैसे बैंकिंग, कानून स्वास्थ्य संबंधित जानकारी इत्यादि के लिए सार्वजनिक wi-fi  का उपयोग करने से बचे। उन्होने बताया कि आपके के साथ किसी भी प्रकार का फ्राॅड एवं स्कैम होने पर वेबसाइट्स https://sancharsaathi.gov.in, https://cybercrime.gov.in   एवं हेल्पलाइन नंबर 1930 की मदद ली जा सकती है। 
कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी क्षमानाथ राय, सूचना अधिकारी सतीश कुमार, ईडीएम ब्रजेश सिंह, पीओ नेडा नेपाल सिंह सहित कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी गण आदि मौजूद रहे।
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