सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-(सवांददाता नरसीराम शर्मा)
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त,चद्रोदय-चन्द्रास्त काल,तिथि,नक्षत्र,मुहूर्त योगकाल,करण,सूर्य-चंद्र के राशि,चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏
🙏जय श्री कृष्णा🙏
🕉️आज का पंचांग🕉️
दिनांक:- 24/01/2025, शुक्रवार
दशमी, कृष्ण पक्ष,
माघ””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि———– दशमी 19:24:36 तक
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र——— अनुराधा 31:06:40
योग————– वृद्वि 29:07:10
करण——- विष्टि भद्र 19:24:35
वार———————- शुक्रवार
माह———————— माघ
चन्द्र राशि————— वृश्चिक
सूर्य राशि—————– मकर
रितु———————— शिशिर
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर——————– क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) ————–कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————- 2081
शक संवत—————–1946
कलि संवत————— 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————– 07:10:24
सूर्यास्त————— 17:52:31
दिन काल———— 10:42:06
रात्री काल————- 13:17:32
चंद्रास्त————– 13:01:16
चंद्रोदय—————- 27:27:36
लग्न—-मकर 10°6′ , 280°6′
सूर्य नक्षत्र—————– श्रवण
चन्द्र नक्षत्र————— अनुराधा
नक्षत्र पाया—————— रजत
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
ना—- अनुराधा 11:40:42
नी—- अनुराधा 18:11:49
नू—- अनुराधा 24:40:30
ने—- अनुराधा 31:06:40
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य= मकर 10°40, श्रवण 1 खी
चन्द्र=वृश्चिक 04°30 , अनुराधा 1 ना
बुध =धनु 29°52 ‘ उ o षाo 1 भे
शु क्र= कुम्भ 26°05, पू o फाo’ 2 सो
मंगल=मिथुन 28°30 ‘ पुनर्वसु ‘ 3 हा
गुरु=वृषभ 17°30 रोहिणी, 3 वी
शनि=कुम्भ 22°28 ‘ पू o भा o , 1 से
राहू=(व) मीन 06°10 उo भा o, 1 दू
केतु= (व)कन्या 06°10 उ oफा o 3 पा
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 💮🚩💮
राहू काल 11:11 – 12:31 अशुभ
यम घंटा 15:12 – 16:32 अशुभ
गुली काल 08:31 – 09: 51अशुभ
अभिजित 12:10 – 12:53 शुभ
दूर मुहूर्त 09:19 – 10:02 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:53 – 13:36 अशुभ
वर्ज्यम 09:30 – 11:15 अशुभ
प्रदोष 17:53 – 20:35 शुभ
चोघडिया, दिन
चर 07:10 – 08:31 शुभ
लाभ 08:31 – 09:51 शुभ
अमृत 09:51 – 11:11 शुभ
काल 11:11 – 12:31 अशुभ
शुभ 12:31 – 13:52 शुभ
रोग 13:52 – 15:12 अशुभ
उद्वेग 15:12 – 16:32 अशुभ
चर 16:32 – 17:53 शुभ
चोघडिया, रात
रोग 17:53 – 19:32 अशुभ
काल 19:32 – 21:12 अशुभ
लाभ 21:12 – 22:52 शुभ
उद्वेग 22:52 – 24:31* अशुभ
शुभ 24:31* – 26:11* शुभ
अमृत 26:11* – 27:51* शुभ
चर 27:51* – 29:30* शुभ
रोग 29:30* – 31:10* अशुभ
होरा, दिन
शुक्र 07:10 – 08:04
बुध 08:04 – 08:57
चन्द्र 08:57 – 09:51
शनि 09:51 – 10:44
बृहस्पति 10:44 – 11:38
मंगल 11:38 – 12:31
सूर्य 12:31 – 13:25
शुक्र 13:25 – 14:18
बुध 14:18 – 15:12
चन्द्र 15:12 – 16:06
शनि 16:06 – 16:59
बृहस्पति 16:59 – 17:53
होरा, रात
मंगल 17:53 – 18:59
सूर्य 18:59 – 20:05
शुक्र 20:05 – 21:12
बुध 21:12 – 22:18
चन्द्र 22:18 – 23:25
शनि 23:25 – 24:31
बृहस्पति 24:31* – 25:38
मंगल 25:38* – 26:44
सूर्य 26:44* – 27:51
शुक्र 27:51* – 28:57
बुध 28:57* – 30:04
चन्द्र 30:04* – 31:10
🚩 उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
मकर > 05:30 से 07:20 तक
कुम्भ > 07:20 से 08:52 तक
मीन > 08:52 से 10:22 तक
मेष > 10:22 से 12:02 तक
वृषभ > 12:02 से 14:00 तक
मिथुन > 14:00 से 16:12 तक
कर्क > 16:12 से 18:34 तक
सिंह > 18:34 से 20:48 तक
कन्या > 20:48 से 23:10 तक
तुला > 23:10 से 01:10 तक
वृश्चिक > 01:10 से 04:24 तक
धनु > 04:24 से 05:34 तक
विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट-दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।
महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 10 + 6 + 1 = 32 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
राहु ग्रह मुखहुति
शिव वास एवं फल -:
25 + 25 + 5 = 55 ÷ 7 = 6 शेष
क्रीड़ायां = शोक दुःख कारक
भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
रात्रि 29:25 तक समाप्त
स्वर्ग लोक = शुभ कारक
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
*सर्वार्थ सिद्धि योग 31:07 तक
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
यावत्स्वस्थो ह्ययं देहो यावन्मृत्युश्च दूरतः ।
तावदात्महितं कुर्यात् प्राणान्ते किं करिष्यति।।
।। चा o नी o।।
जब आपका शरीर स्वस्थ है और आपके नियंत्रण में है उसी समय आत्मसाक्षात्कार का उपाय कर लेना चाहिए क्योंकि मृत्यु हो जाने के बाद कोई कुछ नहीं कर सकता है.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: क्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोग अo-13
उपद्रष्टानुमन्ता च भर्ता भोक्ता महेश्वरः ।
परमात्मेति चाप्युक्तो देहेऽस्मिन्पुरुषः परः ॥
इस देह में स्थित यह आत्मा वास्तव में परमात्मा ही है।, वह साक्षी होने से उपद्रष्टा और यथार्थ सम्मति देने वाला होने से अनुमन्ता, सबका धारण-पोषण करने वाला होने से भर्ता, जीवरूप से भोक्ता, ब्रह्मा आदि का भी स्वामी होने से महेश्वर और शुद्ध सच्चिदानन्दघन होने से परमात्मा- ऐसा कहा गया है॥,22॥,
💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष-लाभ के अवसर हाथ आएंगे। अध्यात्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। कुसंगति से हानि होगी, बचें। व्यवसाय ठीक चलेगा। अच्छी बात का भी विरोध हो सकता है। धैर्य रखें। अज्ञात भय सताएगा। शारीरिक कष्ट संभव है। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। कानूनी अड़चन दूर होगी।
🐂वृष-प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। बेवजह खर्च होगा। तनाव रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। जल्दबाजी न करें। शत्रु पस्त होंगे। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। शारीरिक कष्ट संभव है।
👫मिथुन-थोड़े प्रयास से ही काम बनेंगे। कार्यप्रणाली की प्रशंसा मिलेगी। आय में वृद्धि होगी। प्रेम-प्रसंग के अवसर सहज ही प्राप्त होंगे। व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। नए काम मिलेंगे। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें।
राशि फलादेश
🦀कर्क-आय में वृद्धि होगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही होगा। अच्छे कामों का भी विरोध हो सकता है। बुद्धि का प्रयोग आवश्यक है। भय रहेगा। चिंता बनी रहेगी। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी।
🐅सिंह-दूसरों की बातों में न आएं। विवेक व धैर्य से कार्य करें। लाभ में वृद्धि होगी। नकारात्मकता बढ़ सकती है। प्रमाद न करें। काम पर ध्यान दें। वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में विशेष सावधानी रखें। क्रोध व उत्तेजना से किसी उलझन में फंस सकते हैं।
🙍♀️कन्या-धनागम सहज ही होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। नए मित्र बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा। कानूनी समस्या खड़ी हो सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। जल्दबाजी न करें। बेचैनी रहेगी।
🐅तुला-किसी अपने के व्यवहार से दिल को ठेस पहुंच सकती है। समय पर आवश्यक वस्तु न मिलने से तनाव रहेगा। दूसरों से अपेक्षा न करें। आय में निश्चितता रहेगी। थकान महसूस होगी। अनावश्यक विवाद को बढ़ावा न दें। परेशानी हो सकती है। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है।
🦂वृश्चिक-पुराना रुका हुआ पैसा मिल सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। आय में वृद्धि होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रतिद्वंद्विता में कमी होगी। प्रसन्नता रहेगी। सुख के साधन जुटेंगे। प्रमाद न करें।
⚖️धनु-अनावश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलेगी। चिड़चिड़ापन रहेगा। बेवजह कहासुनी हो सकती है। आय में निश्चितता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें।
🦂मकर-किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त करेगा। अध्ययन में मन लगेगा। धनार्जन सहज होगा। आलस्य न करें। चिंता, भय व कष्ट का वातावरण बन सकता है, सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।
🍯कुंभ-नई योजना बनेगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। प्रतिष्ठा वृद्धि होगी। रुके कार्य पूर्ण होंगे। नए अनुबंध हो सकते हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। कोई भी निर्णय सोच-समझकर करें।
🐟मीन-स्थायी संपत्ति के कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। लेन-देन में हानि संभव है। जल्दबाजी न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। बड़ा काम करने का मन बनेगा। प्रसन्नता रहेगी। विरोधियों का पराभव होगा।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏


















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