सर्दी से फसलों एवं पशुओं को बचाने के लिए करें उपाय
कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा दिए गए सुझाव
पानी लगाने से पूर्व न करें यूरिया का प्रयोग
भिण्ड 09 जनवरी 2025/

वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र लहार ने अपील कर कहा है कि इस समय पूरे जिले में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। रात के साथ ही दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। कोहरे एवं सर्द हवाओं का प्रकोप भी जारी है, ऐसे में जिले के किसानों एवं पशुपालकों को इस सर्दी से अपनी फसलों एवं पालतू पशुओं के बचाव के लिए प्रबंधन करने की आवश्यकता है, इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा फसलों एवं पशुओं को सर्दी से बचाव के लिए सुझाव दिए गए हैं।
फसलों को ठंड एवं पाले के प्रकोप से बचाने के लिए शाम के समय खेतों के चारों तरफ मेड़ों पर धुआं करते रहें, आवश्यकता अनुसार फसलों में हल्की से मध्यम सिंचाई करें, फसलों में सिंचाई के रूप में बहुत ज्यादा पानी न लगाए, फसल में पानी लगाने से पूर्व यूरिया का प्रयोग न करें, यूरिया का प्रयोग फसल में सिंचाई करने के बाद ओठ आने पर ही करें, खड़ी फसल में डीएपी के प्रयोग से कोई लाभ नहीं होता अतः इस प्रकार की प्रेक्टिस से बचें।
पाले से बचाव के लिए सरसों की फसल में गंधक के अम्ल का एक मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर बनाकर छिड़काव करें, गेहूं में कल्ले, गांठ एवं बालिया बनने की अवस्था में सिंचाई करें तथा खड़ी फसल में सिंचाई उपरांत शेष नैनो यूरिया द्वारा पूर्ति करें, सरसों की फलियों में दाना बनते समय सिंचाई करें, चने की फसल में फूल आने की अवस्था में सिंचाई कदापि न करें, इससे फूल झड़ जाएगा तथा उत्पादन प्रभावित होगा।
पालतू पशुओं गाय, भैंस, बकरी, भेड़ आदि को सर्दी से बचाव के लिए रात के समय पशुशाला में ही बांधे, पशुशाला के खिड़की, दरवाजों एवं खुले हुए भाग पर टाट एवं फूस आदि से बनी हुई टटियों से पूरी तरह बंद रखें, शाम के समय पशुशाला में कुछ समय तक आग जलाकर उसे गर्म कर दें, पशुशाला को साफ, स्वच्छ एवं सूखा रखें, सप्ताह में एक बार पशुशाला में चूने का छिड़काव तथा नालियों में फिनायल आदि का प्रयोग अवश्य करते रहें, पशुओं को चारा खिलाने वाली नाद साफ एवं सूखी रखें तथा उनकी नियमित सफाई करते रहें।
दिन के समय धूप निकलने पर पशुओं को धूप में अवश्य निकालें, आवश्यकता अनुसार पशुओं के शरीर पर धूप में खुरैरा करें, पशुओं को स्वच्छ एवं ताजी पानी ही पिलायें, उन्हें संतुलित आहार खाने को दें, अत्यधिक पानी वाला हरा चारा बरसीम, जई आदि को काटकर एक दिन बाद ही कुट्टी करके खिलाएं, दुधारू पशुओं एवं बकरियों को अत्यधिक ठंड से बचाने के लिए उन्हें शाम के समय गुड एवं मेथी खिलाये, बकरियों को ठंड से बचाव के लिए गुड-मेथी के साथ लहसुन भी खिलाना चाहिए।
किसान सारथी द्वारा समाधान प्राप्त करें
किसान फसलों का नियमित परीक्षण करते रहें यदि कोई रोग या बीमारी दिखाई दे रही है तो कृषि विशेषज्ञ से सलाह लेकर उसका समय पर निदान करें, रोग या बीमारी की दशा में कृषि विज्ञान केंद्र अथवा किसान सारथी के टोल फ्री नंबर से 18001232175 संपर्क कर समाधान प्राप्त किया जा सकता है, किसान सारथी के टोल फ्री नंबर के माध्यम से सीधे कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक से परामर्श प्राप्त हो जाता है।

















Leave a Reply