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ईश्वर प्रेम और अभ्यास मेडिटेशन की अलौकिक नींव है: बलवान ठाकुर

पठानकोट पंजाब, रिपोर्ट समीर गुप्ता ब्यूरो चीफ – यदि हम ईश्वर पर पूर्ण विश्वास रखते हुए मेडिटेशन का अभ्यास रोजाना करते हैं तो हम अपने जीवन में अदभुत चमत्कार स्वत ही पाएंगे।‌‌ यह विचार बलवान ठाकुर, अध्यात्मिक विचारक ने हमारे ब्यूरो चीफ से साझा किए। उन्होंने बताया कि मेडिटेशन हमें सुविधाजनक स्थिति में आंखों को बंदकर ,केवल अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित करते हुए करना चाहिए।‌ शुरूआत में बहुत से विचार मन में आएंगे जो स्वाभाविक है। जैसे जैसे हम अभ्यास करते जाएंगे, वैसे वैसे हमारी स्थिति बेहतर होती जाएगी। शुरुआत में हमें रोजाना आधा घंटा तक मेडिटेशन अभ्यास करना चाहिए फिर धीरे-धीरे समय को आगे बढ़ाया जा सकता है।‌ बलवान ठाकुर ने आगे बताया कि यदि हम मेडिटेशन को अपनी जीवन पद्धति बनाते हैं तो हम हमेशा ईश्वर को अपने अंग-संग पाएंगे।

बलवान ठाकुर

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