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भदैया विकासखंड के “तेरयें” ग्राम सभा में बिना कार्य कराए हुआ लाखों का फर्जी भुगतान

गंगेश कुमार पाण्डेय
(ब्यूरोचीफ)सत्यार्थ न्यूज़ सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश

भदैया विकासखंड के “तेरयें” ग्राम सभा में बिना कार्य कराए हुआ लाखों का फर्जी भुगतान


“प्रधान व सचिव का भ्रष्टाचार हुआ उजागर”
“अधिकारियों की जांच में”घपले” की (वित्तीय अनियमितता) हुई पुष्टि”

सत्यार्थ न्यूज़ सुलतानपुर:भदैया ब्लॉक के तेरायें ग्राम सभा में प्रधान और सचिव पर सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। डीएम के आदेश पर डीपीआरओ और जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी की जांच में भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई है।
क्षेत्र के सत्यम जयसवाल ने बीते 28 अक्टूबर को ग्राम पंचायत “तेरएँ” में हुए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता के संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत किया था। यहां प्रधान द्वारा मंदिर की रिपेयरिंग कराई बिना ही पैसा पास हो गया। नल की भी रिपेयरिंग नहीं हुई।सचिव की मिली भगत से पैसा पास कर लिया गया।
शिव मंदिर पर पुजारी द्वारा बताया गया कि मंदिर कमेटी ने चंदे के पैसे से मिट्टी पटवाई। जबकि प्रधान ने मनरेगा से इसका पैसा खारिज कर लिया। यहां अमृतसरोवर शिव मंदिर पर जेसीबी से काम कराके मनरेगा से भुगतान कराया गया। अगल-बगल के लोगों ने पूछने पर बताया कि पांच,छह मजदूरों को बुलाकर सिर्फ एक दिन काम हुआ। बाकी रात में पूरे तालाब की जेसीबी से विधिवत खुदाई हुई।
“मंदिर कमेटी द्वारा कराए गए कार्यों को अपना (मनरेगा) कार्य बताया”
यही नहीं लाल बहादुर के घर से लेकर अमर बहादुर सिंह के बाउंड्री तक 8 सितंबर 2022 को इंटरलॉकिंग कार्य का भुगतान 2लाख 63 हजार552 रुपए मनरेगा से हुआ। और पुनः 26 जून 2024 को अमर बहादुर सिंह के बाउंड्री से लेकर हरिहर बाबा के मंदिर रोड तक प्रधान द्वारा 3 लाख 14 हजार 534 रुपए खारिज कर लिया गया।
जबकि अमर बहादुर सिंह की बाउंड्री से लेकर आशीष मिश्रा के घर तक मुश्किल से 20-25 मीटर तक ही इंटरलॉकिंग कार्य हुआ है। प्रधान द्वारा बिना निर्माण के ही पैसा खारिज कर लिया गया है। और यह भी आरोप है कि जिले और पूरे प्रदेश में झंडा रोहण चौकी निर्माण कार्य 10 –20 हजार से ज्यादा खर्च नहीं हुआ। मगर ग्राम सभा “तेरये” में झंडा चौकी निर्माण का 77 हजार 5 सौ 47 रुपए भुगतान हुआ।

 

“20 25 पेड़ लगवा कर कराए 75 हजार से अधिक का भुगतान”
वही 7 अगस्त 2024 को बाउंड्री वॉल के किनारे 20 से 25 पेड़ लगाकर ट्री कार्य का भुगतान 75 हजार 8 सौ 44 रुपए हुआ है। अन्य जो भी ग्राम सभा में निर्माण कार्य हुआ वह भी पीले ईंट, और रद्दी मोरंग बालू से हुआ है। मानक के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य कार्यों में सरिया पदार्थ नहीं लगाया गया है। डीपीआरओ द्वारा 6 दिसंबर 2024 को जांच की गई थी जिसमें घोर वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई है।

“शिकायतकर्ताओं को दी जा रही धमकी”
आरोप है कि प्रधान के सहयोगियों द्वारा शिकायतकर्ता के पास कॉल की गई कि शिकायती पत्र वापस ले लो नहीं तो फर्जी मुकदमे में जेल भिजवा दूंगा। यह भी आरोप है कि सचिन ने स्वयं कॉल करके शिकायतकर्ता से गाली गलौज किया। उधर डीपीआरओ ने सचिव से पत्रावली तलब की जो अब तक नहीं दी गई है। डीपीआरओ ने बताया कि प्रधान सियाराम और सचिव ब्रजेश कुमार से पत्रावली तलब की है। इसकी प्रस्तुत होते ही वैधानिक विधिक कार्यवाही की जाएगी।

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