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कटका अपहरण कांड में दूसरा जीवित बच्चा आया होश में ,मंगलवार की सुबह गश खाकर हुआ था बेहोश

कटका अपहरण कांड में दूसरा जीवित बच्चा आया होश में ,मंगलवार की सुबह गश खाकर हुआ था बेहोश

(सुल्तानपुर)कटका अपहरण कांड में दूसरा जीवित बच्चा मंगलवार की सुबह गश खाकर हुआ बेहोश

 

,हालांकि कुछ देर बाद उसे होश आ गया।।परिजनों ने उसका इलाज कराया ,अब वह होश में है।मालूम हो कि तकरीबन चार वर्ष पूर्व जिस विद्यालय के गेट पर दोनों (सगे भाई) बच्चों का अपहरण हुआ था।उसमें जीवित बचे उस बच्चे का दाखिला आज प्राइमरी विद्यालय में हुआ है।परिजनों ने प्राइवेट स्कूल से नाम कटवाकर प्राइमरी में दाखिला करवाया है।लेकिन आज भी वह बच्चा सदमे से उबर नही पाया है।वह जब भी किसी दाढ़ी वाले को देखता है तो डर जाता है। बताते चलें कि 4 वर्ष पूर्व कटका(गोसाईंगंज थानाक्षेत्र) में स्कूल छूटने के बाद घर के नौकर ने ही दोनों बच्चों का अपहरण करवा दिया था ।जिस मामले में चार अभियुक्तों को आजीवन सजा पड़ चुकी है । लेकिन अभी नाबालिक दूसरे अभियुक्त को बीते 4 दिसंबर को हाई कोर्ट के आदेश पर 7 घंटे की पैरोल मिल गई थी ।पता चला है उक्त अभियुक्त को दादी का निधन हो गया था जिस कारण उसे अंत्येष्टि के दौरान 7 घंटे की पैरोल मिली थी ।ज्ञात हो कि 4 वर्ष पूर्व गोसाईगंज थाना क्षेत्र के कटका स्थित एक प्राइवेट स्कूल में दोनों बच्चों की दोपहर जब छुट्टी हुई तो घर के ही नौकर ने दोनों बच्चों का अपहरण करवा दिया था ।जिसमें तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स के निर्देश पर एसओजी की टीम ने अभियुक्तों को शहर स्थित करौंदिया के एक चारदीवारी से दबोचा था लेकिन इस वारदात में अपहरण किए गए बड़े भाई का मर्डर अपहरणकर्ताओं ने कर दी थी। बड़े भाई का मर्डर उसके सामने हुआ तब से छोटे भाई की मनोदशा ठीक नही, इलाज हो रहा।पिता ने बताया कि उसकी चिकित्सक काउंसलिंग घटना के बाद से लगातार कर रहे हैं।इस हृदयविदारक घटना से पूरा जिला दहल गया था और पुलिस के लिए इस सनसनीखेज वारदात को खोलना चुनौती साबित हुई थी । फिरौतीकांड के दौरान अभियुक्तों को उस दरम्यान देर शाम करौंदिया में स्थित एक कमरे में अभियुक्तों को दबोचा गया था और दूसरे घायल बच्चे को बचा लिया गया था ।लेकिन सदमे में आए उसे बच्चे का आज भी ट्रामा सेंटर से इलाज हो रहा है ।घायल बच्चे की आज भी काउंसलिंग हो रही है।फिरौती के लिए किए गए इस जघन्य हत्याकांड को जिलेवासी अभी भूले नही है। एसपी के निर्देश पर ट्रामा सेंटर में तत्कालीन क्षेत्राधिकारी श्याम देव बिंद ने खुद ड्यूटी देकर उस बच्चे की सुरक्षा की थी।
गौरव पान्डेय संवाददाता सत्यार्थ न्यूज़ सुल्तानपर

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