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विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में दवा देवी फाउंडेशन का शुभारम्भ 13 दिसंबर को- स्वामी गोपालानंद सरस्वती

विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में दवा देवी फाउंडेशन का शुभारम्भ 13 दिसंबर को- स्वामी गोपालानंद सरस्वती

सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में भारतीय नूतन संवत 2081 से घोषित “गोवंश रक्षा वर्ष” के तहत जनपद पंचायत सुसनेर की समीपस्थ ननोरा, श्यामपुरा, सेमली व सालरिया ग्राम पंचायत की सीमा पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 244 वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने बताया कि आज क्रांतिकारी भाई परमानंद जी का निर्वाण दिवस है, जो ग़दर पार्टी के संस्थापक सदस्य भी थे, जो एक भारतीय क्रांतिकारी संगठन था, जिसकी स्थापना भारतीयों द्वारा विदेशी शासन से भारतीयों को मुक्त करने के लिए की गई थी। भाई परमानंद ने ग़दर पार्टी के लिए तारीख-ए-हिंद नामक एक किताब भी लिखी थी।
पूज्य महाराज जी ने बताया कि गायमाता को साथ रखकर ही भारत को सम्पन्न बनाया जा सकता है क्योंकि जहां गाय होगी ,वहीं सम्पन्नता होगी और जो व्यक्ति सम्पन्न होगा तभी उसमें शालीनता,सहनशीलता,विनम्रता एवं धैर्य आदि गुण आएंगे ।
पूज्य महाराज जी ने कहां कि आज केवल लम्बी चौड़ी सड़के बना देना ही विकास मान लिया जाता है जबकि जहां तक गोमाता के संरक्षण एवं संवर्धन की बात नहीं होगी तब तक भारत की उन्नति नहीं हो सकती क्योंकि भारत के विकास की मूल भगवती गोमाता ही है और जब देश के गोधन की चिन्ता भारत एवं राज्य सरकार करने लग जाएगी तो भारत में पुनः दूध की नदिया बहने लगेगी और भारत पुनः सोने की चिड़िया बन जाएगा और गोमाता को संरक्षित एवं सुरक्षित करने के लिए देश के हर टोल पर एक गो चिकित्सालय केन्द्र एवं राज्य सरकारो को सरकारी मद से चलाना चाहिए ताकि सड़क दुर्घटना के समय घायल गो वंश का उपचार हो सके ।
विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महा महोत्सव के 249 वें दिवस पर पूज्य स्वामी रामज्ञान तीर्थ जी महाराज की प्रेरणा एवं श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के संस्थापक परम श्रद्धेय गो ऋषि स्वामी दत्तशरणानंद जी महाराज के शुभ आशीर्वाद एवं गोपालाचार्य स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती जी महाराज के सानिध्य में साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती जी के नेतृत्व में 13 दिसंबर 2024 शुक्रवार को दोपहर 01 बजे दवा देवी फाउंडेशन नामक संस्था का शुभारम्भ होगा ।

स्वामीजी ने बताया कि देश के अनेक युवा गौसेवा तो करते है,लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से वे उनके उपचार की व्यवस्था ठीक से नहीं कर पाते है उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ही उक्त दवा देवी फाउंडेशन* का गठन हुआ है जो देश की दवा कम्पनियों के निर्माताओं,दानदाताओं एवं समाजसेवी संगठनों व उद्योगपतियों से CSR फंड के माध्यम से सहयोग लेकर आगामी दो वर्षों में देश के सभी गो चिकित्सालयों को नि:शुल्क दवा उपलब्ध करवाएगा, जिसका थीम गो उपचार बिना विचार रहेगा ।

 

गो कृपा कथा के 244 वें दिवस पर सुसनेर के वरिष्ठ अधिवक्ता कन्हैया लाल कुलमी,, बडौद के अधिवक्ता दुल्हे सिंह, केवलदास वैरागी, सम्पत सिंह गुर्जर जिला परिषद सदस्य एवं छान पंचायत के मेंबर हीरा लाल सैनी आदि अतिथि उपस्थित रहें

 

244 वे दिवस पर चुनरीयात्रा मध्यप्रदेश राजस्थान एवं महाराष्ट्र की ओर से

एक वर्षीय गोकृपा कथा के 244 वें दिवस पर चुनरी यात्रा इंदौर श्री हर्ष मंगलानी – श्रीमती साक्षी मंगलानी ,पाविका मंगलानी सोयत निवासी कैलाश राठौड़ – श्रीमती संतोष की सुपुत्री एवं घनश्याम राठौर सोयत वालों की भतीजी व राजस्थान के बारां जिले की अटरु तहसील के कवाई (सालपुरा ) से शान्तिबाई – राजेंद्र शर्मा एवं टोंक जिले के छान ग्राम के माली समाज की और से रामदेव ,रतिराम ,रामप्रसाद ,.कृष्ण गोपाल,पुरुषोत्तम,हीरालाल,शयोजी,संपत,
योगेश एवं सोनू व महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई के मलाड़ से हरिश, अनीता ,राधा विकास,पिंकी एवं राजस्थान के नवलगढ़ के रामदेव बाबा मंदिर से एवं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील के ग्राम धानोदा से सरपंच घनश्याम गुर्जर सहित ग्राम की माता बहिनें , युवा एवं पंच पटेलो ने अपने परिवार के साथ सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए 56 भोग एवं चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।
चित्र 1 : गोकथा सुनाते स्वामी गोपालानंद सरस्वती।
चित्र 2 : गोकथा में उपस्थित गौभक्त।
चित्र 3,4 : गोकथा में गोमाता को चुनड़ ओढाते गोभक्त ।
चित्र 5,6 : चुनरी यात्रा में आए गोभक्तो को सम्मानित करते महोत्सव के कार्यकर्ता
चित्र 7 : गो पूजन करते गो भक्त ।
चित्र 8 : गोमाता के लिए चुनड़ लाते गोभक्त

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