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ड्यूटी से गायब रहने वाले डॉक्टर का दुस्साहस

ड्यूटी से गायब रहने वाले डॉक्टर का दुस्साहस

सत्य खबर चलने के बाद सूचना कार्यालय से खबर का खंडन चलवा कर अधिकारियों को गुमराह कर रहा डॉक्टर

कौशांबी से सुशील कुमार दिवाकर की खास रिपोर्ट

कौशाम्बी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय पश्चिम शरीरा में डॉक्टर भूपेंद्र मणि त्रिपाठी के सरकारी चिकित्सालय से अक्सर गायब रहने के मामले में पत्रकारों द्वारा खबर चलाए जाने के बाद उक्त डाक्टर ने सूचना कार्यालय के जरिए खबर का खंडन करके अधिकारियों को गुमराह करने का फिर प्रयास किया है सवाल उठता है कि भ्रष्टाचारी डॉक्टर का समर्थन सरकारी महकमे में कौन कर रहा है डॉक्टर का कहना है कि वह समय से चिकित्सालय में उपस्थित रहते हैं और चिकित्सालय से 50 मीटर दूर भगवान दास के घर में सपरिवार किराए पर रहते हैं जबकि सच्चाई यह है कि आयुर्वेदिक अस्पताल के पास ही उनका निजी क्लीनिक चल रहा है जहां वह सरकारी ड्यूटी छोड़कर निजी क्लीनिक में मरीजों को देखकर धन वसूली करते हैं उनके कारनामे को लेकर कुछ पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर खबर प्रसारित किया जिस पर डॉक्टर अधिकारियों को गुमराह करने के लिए सूचना कार्यालय के माध्यम से खबर का खंडन कर सफाई देने लगे हैं उनका कहना है कि आयुष अटेंडेंस एप पर उपस्थिति दर्ज की जाती है लेकिन उपस्थिति दर्ज कर यह फरार हो जाते हैं और निजी क्लीनिक में मरीज को देख करके उनसे धन रसूली करते हैं आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सक के कारनामे से सरकारी अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को इलाज नहीं मिलता हैं चिकित्सालय में आने वाले रोगियों का पंजीकरण उनके मोबाइल नंबर या आधार कार्ड के साथ किया जाता है ओपीडी रजिस्टर में रोगियों के नाम के साथ अंकित मोबाइल नंबरों पर बात करके उपस्थिति का दावा चिकित्सक ने किया है जबकि सच्चाई यह है कि ओपीडी रजिस्टर में चिकित्सक की हैंड राइटिंग ही नही है जिससे चिकित्सक के झूठे कारनामे का एक बार फिर भंडाफोड़ हो गया है सवाल उठता है कि सरकारी अस्पताल में मरीजों को इलाज ना देने वाले उक्त चिकित्सक आखिर खबर का खंडन कर अधिकारियों को कब तक गुमराह करते रहेंगे जिस मकान में निवास करने की बात वह दावे के साथ डॉक्टर कर रहा है यदि उस मोहल्ले के लोगों से डॉक्टर के निवास के बाबत पूछ लिया जाए तो डॉक्टर के निजी क्लीनिक संचालन के कारनामे का खुलासा हो जाएगा ओपीडी रजिस्टर में मरीज के नाम पता मोबाइल नंबर दर्ज राइटिंग को चिकित्सा के हैंड राइटिंग से मिला लिया जाए तो भी चिकित्सक के झूठे दावे का खुलासा हो जाएगा लेकिन चिकित्सक के कारनामे का खुलासा कौन करेगा और चौपट व्यवस्था पर सुधार कौन करेगा या फिर पत्रकारों की कलम को रोकने का प्रयास किया जाएगा और सत्य खबर पर अधिकारियों को गुमराह कर सूचना कार्यालय से खबर का खंडन किया जाएगा यह तमाम सवाल व्यवस्थाओं पर खड़े हैं

डॉक्टर के खिलाफ सड़क उतरे पत्रकार

कौशांबी पश्चिम शरीरा के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के डॉक्टर भूपेंद्र मणि त्रिपाठी के कारनामे को लेकर पत्रकार समाज में जबरदस्त आक्रोश ब्याप्त है और दर्जनों पत्रकारों ने पश्चिम शरीरा में धरना प्रदर्शन कर डॉक्टर के खिलाफ आवाज बुलंद की है डॉक्टर के कारनामे पर पत्रकारों ने डॉक्टर की कड़े शब्दों में निंदा कर उस पर कार्यवाही की मांग की है आरोप है कि डॉक्टर ने सार्वजनिक तरीके से पत्रकार को गाली गलौज किया है जिसका ऑडियो भी वायरल हो रहा है हालांकि हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं डॉक्टर द्वारा पत्रकार को गाली गलौज किए जाने का ऑडियो वायरल होने के बाद पत्रकारों में उबाल आ गया है और पत्रकारों में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है और इस डॉक्टर के कारनामे को अधिकारी ने यदि गंभीरता से नहीं लिया तो पत्रकारों का आक्रोश शांत नहीं होगा और प्रशासन को भी फजीहत झेलनी पड़ सकती है

कौशांबी से सुशील कुमार दिवाकर की खास रिपोर्ट

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