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मुख्यमंत्री के आदेश को नहीं मानता स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय में नहीं रहता है स्वास्थ्य अमला

ज्ञानेंद्र इंदौरकर जिला ब्यूरो चीफ छिंदवाड़ा एमपी

बिछुआ की खास खबर

मुख्यमंत्री के आदेश को नहीं मानता स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय में नहीं रहता है स्वास्थ्य अमला

बीएमओ सौसर से करते हैं अप-डाउन

बंद रहते हैं अधिकतर उप स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीण मरीज होते हैं परेशान

एन आर सी में भोजन कि गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल मेन्यू के अनुसार नहीं दिया जाता भोजन

बिछुआ न्यूज़। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था दम तोड़ चुकी हैं। आलम हैं की स्वास्थ्य व्यवस्था खराब होने के साथ ही कर्मचारी अधिकारी मुख्यालय में नहीं रहते हैं और ना ही उपस्वास्थ्य केंद्र समय पर खुलते हैं। जिससे ग्रामीण अंचलों में व्यवस्था दिन बा दिन बदहाल होती जा रही हैं। गौरतलब हैं की बिछुआ नगर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एंव ग्रामीण क्षेत्रों में उप स्वास्थ्य केंद्र को मिलाकर 25 केंद्र स्थापित है। जहां कागजों में स्वास्थ्य कर्मचारियों की पदस्थापना है लेकिन हालात इतने बद्दतर है कि कुछ उपस्वास्थ्य केंद्र सप्ताह में एक दिन या 15 दिन में एक दिन ही खुले नजर आते हैं। बाकी समय ग्रामीण जन अपने स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं को लेकर झोलाछाप डाक्टरों के सहारे रहते हैं। लेकिन एक भी ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता मुख्यालय में नहीं रहता हैं। बिछुआ स्वास्थ्य विभाग में ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ अमला सरकार के नियमों व आदेशो का खुलेआम धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे है।
गांवों में छोटी बढ़ी बीमारियों के इलाज के लिये मजबूरी में गांव के लोगों को जान से खेलने वाले झोलाछापों का सहारा लेना ही पड़ता है। मात्र दस प्रतिशत स्वास्थ कर्मचारी अपने मुख्यालय में निवास कर रहे हैं। बाकी के नब्बे प्रतिशत शासकीय अमला अपने मुख्यालय में नहीं रहता हैं। अपने पदस्थापना मुख्यालय में निवास नहीं कर रहा है। ड्यूटी बिछुआ ब्लाक में लेकिन बी एमओ सौसर और बाकी स्टाफ और डाक्टर जिला छिंदवाडा में निवास कर मनमाने ढंग से अपनी ड्यूटी बजा रहा है।एन आर सी कि मालवीय मेडम तो हफ्ते में तीन दिन हि अति है बाकी तो नदारत रहती है भोजन भी मेन्यू के विपरित दिया जाता है शिकायत दर्ज होने के बाद भी बी एम ओ कि साठगांठ से मामला सेट हो जाता है इसी प्रकार यहां पर सैकड़ों बार एकाउंटेंट तूशार चक्रवर्ती कि भी शिकायत जिला अधिकारीयों को पुर्व में कि जा चुकि है किन्तु आज भी कोई सुधार नजर नहीं आया तीन दिन बिछुआ में रहते हैं बाकी के दिन छिंदवाड़ा में देखना होगा के खबर का क्या असर होता है या सब कुछ वैसा ही रहेगा।हालत यही रहे तो जनसुनवाई में गुंजेगा स्वास्थ्य विभाग का मामला। जनप्रतिनिधियों का उदासीनता के कारण कर्मचारी अधिकारी के हौसले बुलंद हैं कोई भी नेता ध्यान नहीं देते हैं विपक्षी पार्टी तो ध्यान देना ही नहीं चहाती उनके नेता विधायक भी चौरई में निवास करते हैं उन्हें भी बिछुआ से कोई लेना देना नहीं है।

“इनका कहना है”- कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जांच भी की जा रही है।

डाक्टर नीलेश सिड्डाम
बीएमओ, बिछुआ

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