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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिहोल व उप स्वास्थ्य केन्द्र मीसा में लगा दंत चिकित्सा शिविर

 

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिहोल व उप स्वास्थ्य केन्द्र मीसा में लगा दंत चिकित्सा शिविर

पलवल-09 सितंबर
कृष्ण कुमार छाबड़ा

मुख स्वास्थ्य पखवाड़ा कार्यक्रम के तत्वावधान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिहोल व उप स्वास्थ्य केन्द्र मीसा में सिविल सर्जन डॉ जय भगवान जाटान के दिशा निर्देशन व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ रामेश्वरी के मार्गदर्शन में दंत चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में मुख,मसूड़ों व दंत रोगों के लक्षण ,कारण, बचाव व उपचार के बारे में जागरूक किया गया। डिप्टी सिविल सर्जन एवं डेन्टल सर्जन डॉ रामेश्वरी ने बताया कि विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस हर वर्ष 20 मार्च को मनाया जाता है। इस वर्ष 2024 का विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस का मुख्य थीम है “ए हैप्पी माउथ इज़ ए हैप्पी बॉडी’ यानि कि मुंह स्वस्थ रहेगा तो पूरा शरीर स्वस्थ रहेगा। उन्होंने बताया कि यह मुख स्वास्थ्य पखवाड़ा कार्यक्रम 1 सितंबर से 15 सितंबर तक चलाया जाएगा।डॉ आशिमा कालड़ा ने बच्चों, युवा ,व गर्भवती महिलाओं के दांतों में कैविटी, कीड़ा लगना, दांतों में दर्द होना, दांतों में ठंडा गरम लगना (संवेदनशीलता महसूस होना), मुंह से दुर्गंध आना, मसूड़ों से खून आना व पायरिया आदि की जांच कर चिकित्सा की गई। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ रामेश्वरी ने प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को मुंह में कैंसर होने के कारण, लक्षण व बचाव के बारे में जागरूक किया।

उन्होंने खाना खाने के बाद दिन में दो बार सुबह व रात को सोने से पहले ब्रश करने की सलाह दी तथा ब्रश करने की विधि के बारे में भी बताया। उन्होंने खाना खाने के बाद दांतों में फंसे खाने को निकालने के लिए फ्लास का इस्तेमाल करने की विधि भी बताई।उन्होंने बताया कि 28 से 36 प्रतिशत बच्चों के दूध के दांतों में कीड़े लग जाते हैं। यदि ऐसे बच्चों के दांतों का समय पर इलाज न किया जाए तो दांत खराब हो सकते हैं। उन्होंने बच्चों व गर्भवती महिलाओं को गुटखा, धूम्रपान व तंबाकू सेवन न करने की सलाह दी।उन्होंने बताया कि हमारे मुंह में लगभग लाखों की संख्या में 300 प्रकार के बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो मुंह के स्वास्थ्य को खराब करते हैं। डेंटल सर्जन डॉक्टर आशिमा कालड़ा ने बताया कि बच्चों में 6 माह के बाद दूध के दांत निकल आते हैं और 6 वर्ष आयु तक वे पक्के दांतों में रिप्लेस होने लगते हैं तथा 13 से 14 वर्ष की आयु तक सभी दांत पक्के हो जाते हैं।

इस अवसर पर डॉक्टर आशिमा कालड़ा, स्टाफ नर्स पूनम ,बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं उनके अभिभावक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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