कोणार्क शिक्षा महाविद्यालय, जॉजगीर में “शिक्षण में प्रश्नों का महत्व एवं उपयोग ” विषय पर कार्यशाला का आयोजन संपन्न
पोंड़ी से अमन सोनी की रिपोर्ट
28 अगस्त 2024 को एस.सीईआरटी रायपुर छत्तीसगढ़ एव स्टरलाइट एड इडिया फाउडेशन के द्वारा आयोजित टीचर एजुकेशन कार्यक्रम के अंतर्गत कोणार्क शिक्षा महाविद्यालय, जॉजगीर में “शिक्षण में प्रश्नों का महत्व एव उपयोग” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में छात्राध्यापकों को कक्षा में प्रश्नों का उपयोग कैसे करें, गतिविधि आधारित क्लास में प्रश्नों का क्रम क्या रखें, विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के निर्माण एव महत्व और खुले एवं छोर के प्रश्नों से विद्यार्थियों में किस तरह सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया जा सकता है, ऐसे प्रश्नों का निर्माण करें जिससे की विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तर्क एवं एक वैज्ञानिक चिंतन का विकास हो जैसे पहलुओं पर चर्चा की गई।

इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्राध्यापकों को इटर्नशिप में जाने से पूर्व कक्षा शिक्षण में प्रश्नों के महत्व को समझाना था।
जिसमें शिक्षण योजना में प्रश्नों के सटीक क्रम का होना एक शिक्षक के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन्हें अपने शिक्षण में संगठित और प्रभावी बनाती है। कक्षा शिक्षण के दौरान प्रश्नों के सटीक क्रम में छात्रों को अधिक सक्रिय और भागीदार बनाया जा सकता है. जिससे वे अपने शिक्षण में अधिक रूचि लेते है। कार्यशाला का संचालन स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन से रघुनाथन नायर जी ने किया जिसमे कोणार्क शिक्षा महाविद्यालय जॉजगीर से प्राचार्य डॉ. समित कुमार मंडल, सुश्री रेवती पटेल डॉ. अमित चन्द्रा, श्री कुलेश्वर प्रसाद कर्ष श्री सुनील भावनानी, श्रीमती निष्मा साहू श्रीमती प्रतिक्षा देवांगन, सुश्री आरती मन्नेवार, सुश्री नेहा राजपूत, सुश्री शिल्पी गुप्ता. श्रीमती भगवती कश्यप, श्रीमती सोनल यादव एवं श्री अनिल कुमार झलरिया मुख्य रूप से उपस्थित रहें।

कार्यशाला के अंत में प्राचार्य डॉ समित कुमार मंडल जी ने स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन को शुभकामनाएँ प्रदान की साथ ही कार्यशाला में उपस्थित सभी शिक्षकों एवं छात्राध्यापकों को भी सक्रिय भागीदारी के लिए शुभकामनाएँ दी।
यह कार्यशाला छात्राध्यापकों के लिए बहुत ही रूचिकर रही और उन्हें “शिक्षण में प्रश्नों का महत्व एवं उपयोग” को समझने में मदद करेगी।

















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