Advertisement

जिले के कृषक अंतिम तिथि तक बीमा करवाएं – उप संचालक कृषि श्री चौरसिया 

https://satyarath.com/
 सत्यार्थ न्यूज़
 मनोज कुमार माली सुसनेर
फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई

जिले के कृषक अंतिम तिथि तक बीमा करवाएं – उप संचालक कृषि श्री चौरसिया 

आगर-मालवा, जिला मुख्यालय से खबर 12 जुलाई/ फसल बीमा खरीफ वर्ष 2024-25 अन्तर्गत फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2024 है, जिले के कृषक अंतिम तिथि तक अपना बीमा जरूर करवाएं, यह अपील उप संचालक श्री विजय चौरसिया ने जिले के कृषकों से की है।
उप संचालक कृषि ने बताया कि अऋणी कृषकों को फसल बीमा खरीफ वर्ष 2024-25 में जिले में आगर छावनी हल्का छोड़कर सभी पटवारी हल्कों में सोयाबीन फसल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत पटवारी हल्का स्तर पर अधिसूचित हुई है। ऋणी किसान जो की प्राथमिक सहकारी समितियां, राष्ट्रीयकृत बैंक एवं व्यवसायिक बैंक के सदस्य है। उनका फसल बीमा स्वतः ही हो जाता है। लेकिन अऋणी कृषकों का फसल बीमा नही होने से कृषको को फसल क्षति होने पर लाभ से वंचित रह जाते है। ऐसी स्थिति में जिले के समस्त कृषक जिस भी प्राथमिक कृषि सहकारी समिति, व्यावसायिक बैंक या राष्ट्रीयकृत बैंक या अन्य बैंको में खाता हो तो उससे आप सम्पर्क कर फसलो का फसल बीमा करा सकते है। इस वर्ष सोयाबीन की प्रति हैक्टेयर प्रीमियम राशि 2 प्रतिशत के मान से 960 प्रति हैक्टेयर अर्थात एक बीघा के लिए 192 रूपये की प्रीमियम राशि किसान भाई देकर अपना फसल बीमा करा सकता है तथा फसल क्षति होने पर उसको नियमानुसार दावा राशि प्राप्त कर सकता है। जिले में विकासखण्ड बड़ौद के 02 पटवारी हल्का खंदवास व खेरिया तथा विकासखण्ड सुसनेर के 01 पटवारी हल्का सेमली में मक्का फसल अधिसूचित हुई है जो कि अऋणी किसान भाई इन पटवारी हल्को में भूमि धारक है। वह भी मक्का फसल के लिए 660 रूपये प्रति हैक्टेयर की प्रीमियम राशि अदा कर अपनी फसल का बीमा करा सकते है तथा जिले के विकासखण्ड नलखेड़ा के एक पटवारी हल्का ग्राम सेमलखेड़ी में अरहर फसल अधिसूचित हुई है । जो अऋणी कृषक इस पटवारी हल्का में भूमि धारक है वह भी अरहर फसल के लिए 800 रूपयें प्रति हैक्टेयर अर्थात 160 रूपये प्रति बीघा की प्रीमियम राशि अदा कर फसल बीमा करा सकते है।
अऋणी कृषकों को फसल बीमा कराने हेतु किसानों को भू-अधिकार पुस्तिका (खसरा-बी-1) की छायाप्रति, बुआई प्रमाण पत्र (सम्बंधित पटवारी अथवा पंचायत सचिव अथवा कृषि विस्तार अधिकारी या स्वघोषित), अऋणी का आवेदन पूर्ण भरा हुआ, आधार कार्ड छायाप्रति, तथा बैंक पास बुक की छायाप्रति के साथ जहां खाता हो वह बैंक या सोसायटी या कॉमन सर्विस सेंटर या एमपी ऑनलाईनया स्वयं भी एनआईसीपी पोर्टल पर बीमा करा सकते है।
योजनान्तर्गत फसल अवस्थाओं पर अधिसूचित फसलों हेतु अधिसूचित क्षेत्र में फसल क्षति जोखिम आवरित किये जाते है। जिनमें बाधित बुआई/रोपण/अंकुरण जोखिम, खड़ी फसल (बुआई से लेकर कटाई तक), गैर बाधित जोखिमों जैसे- सूखे, लंबी शुष्क कीट  व रोग, बाढ़, जलभराव, भू-स्खलनो, प्राकृतिक अग्नि दुर्द्यटनाओं, नाभिकीय व आकाशीय       बिजली, तूफान, ओलावृष्टि चक्रवात, फसल कटाई उपरांत होने वाले नुकसान जैसे फसलों को काटे जाने से अधिकतम दो सप्ताह के लिये ओलावृष्टि, चक्रवात और चक्रवातीय वर्षा एवं गैर मौंसमी वर्षा,
स्थानीय आपदाएं जैसे अधिसूचित क्षेत्र में पृथक कृषि भूमि को प्रभावित करने वाली ओलावृष्टि, भू-स्खलन और जलभराव, बादल फटना, आकाशीय बिजली भडकने से प्राकृति आग के अभिचिन्हित स्थानीयकृत जोखिमों में होने वाले नुकसान/क्षति जोखिम शामिल होगी।
उपसंचालक कृषि चौरसिया ने बताया कि कृषक अधिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी तथा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के जिला प्रबंधक हेमन्त पाटीदार मोबा. 9630453027, सुनिल बैरागी मोबा. 9111412334 विकासखण्ड आगर, देवेन्द्र सिसोदिया मोबा. 8225834110 विकासखण्ड बड़ौद, राहुल वर्मा मोबा. 9754573277, विकासखण्ड नलखेड़ा, गौरीलाल वर्मा मोबा. 8458842449 विकासखण्ड सुसनेर से सम्पर्क कर  सकते है
https://satyarath.com/
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!