बाराबंकी:यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार व अन्य पदाधिकारियों ने डिजिटलाइजेशन के विरोध में मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अतिरिक मजिस्ट्रेट को सौंपा।
शिक्षकों ने कहा कि उनकी मांगों को पूरा किये बिना ऑनलाइन हाजिरी को लागू करने से वह आक्रोशित हैं। जब हमारी समस्याओं को समझकर हमारी मांगें पूरी कर दी जाएंगी, उसके बाद ऑनलाइन उपस्थिति देने में हमें किसी भी तरह की न तो कोई समस्या होगी न ही विरोध किया जायेगा। शिक्षक संगठनों व शिक्षकों ने आठ जुलाई से शुरू हुई ऑन लाइन उपस्थिति का लगातार बहिष्कार किया हुआ है। शिक्षक काली पट्टी हाथ में बांध कर शिक्षण कार्य कर रहे हैं, लेकिन अधिकांश शिक्षकों ने ऑन लाइन उपस्थिति नहीं दर्ज कराई। इसी विरोध और अपनी मांगों को लेकर यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन ‘यूटा’ सहित अन्य संगठनों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन दिया।दरअसल विभाग द्वारा समस्याओं को बिना सुने और उनकी मांगों को पूरा किये बिना ही ऑनलाइन उपस्थिति का नियम लागू करने से शिक्षकों व उनके संगठनों में आक्रोश है। जिले में 2634 स्कूलों में 12 हजार से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। पहले दिन ऑनलाइन उपस्थिति का बहिष्कार करते हुए अधिकांश शिक्षकों ने हाथ में काली पट्टी बांध कर विरोध जताते हुए शिक्षण कार्य किया। उसके बाद से लगातार ज्ञापन दिया जा रहा है। विरोध लगातार जारी रखते हुए संगठाओं ने फैसला लिया है कि ऑन लाइन उपस्थिति नहीं दर्ज कराई जायेगी। यूटा के जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने कहा कि बिना हमारी समस्याओं का समाधान किए ऑनलाइन उपस्थिति दे पाना संभव ही नहीं है। शिक्षकों की प्रमुख मांगों को ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान बैनर के माध्यम से बहुत अच्छे तरीक़े से प्रस्तुत किया गया। जिनमें 15 दिन का हाफ सीएल, 31 दिन का ईएल, कैशलेश इलाज, राज्य कर्मचारी का दर्जा, फल-दूध ख़रीदने से मुक्ति, नेटवर्क की समस्या दूर हो, पुरानी पेंशन और स्कूलों के रास्ते सही हों आदि मांगे प्रमुख रूप से रखी गईं। जिला संगठन मंत्री दीपक मिश्र ने बताया कि शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण किए बिना डिजिटलीकरण के आदेश का यूटा व महासंघ पूरी तरह से बहिष्कार करता है। इस अवसर पर जेएचएसएस के प्रदेश महामंत्री अरुणेन्द्र कुमार मुन्ना, जिलाध्यक्ष आरएसएम सुनील कुमार, जिलाध्यक्ष अशोक सिंह, अटेवा जिलाध्यक्ष अमित कुमार, मनोज चौधरी, शशिराज जायसवाल और मनीष बैसवार समेत सैकडों शिक्षक व यूटा एवं अन्य संगठनों के पदाधिकारी व शिक्षक, शिक्षिका शामिल रहे।















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