Advertisement

बलरामपुर-एक परिवार के लिए घर के क्या मायने होते हैं जानिए श्रीमती चैती से……..

https://satyarath.com/

एक परिवार के लिए घर के क्या मायने होते हैं जानिए श्रीमती चैती से……..

’’प्रधानमंत्री आवास‘‘ का मिला सहारा

मिली पक्की छत जीवन में छाया उजियारा

बलरामपुर 10 जुलाई 2024/ आशाएं जब जीवंत रूप लेती है तो उसकी खुशी पूरे घर में साझा की जाती है। सब कितने खुश नजर आते हैं मानो स्वयं के सपने साकार हुए हैं, ऐसा ही कुछ नजारा ग्राम पस्ता में देखने को मिला जहां प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास का सपना साकार हुआ है।
ग्राम पस्ता निवासी श्रीमती चैती कहती हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाकर बेहद खुश हैं। वह बताती हैं कि खेती-बाड़ी का काम कर घर का खर्च चलाते हैं ऐसे में अपने बजट में किसी भी कीमत पर नया घर बनाने का कोई विकल्प नहीं था, लेकिन जब योजना में पात्र हितग्राही के रूप में 2020-21 में उनका नाम आया और उनको सहायता राशि मिली, जिससे हमारा सपना पूरा हो गया। वे कहती हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना में अपने अनुभव को साझा करने में बहुत खुशी हो रही है। वे अपने पुराने दिनों की आपबीती भी साझा करती हैं कि कच्चे घरौंदे में रहना काफी तकलीफ दायक है। मौसम अनुसार अलग-अलग परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी छत टपकती है तो कभी ठंड से रात भर नींद पूरी नहीं होती थी। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलना हमारे लिए वरदान है। वे नम आंखों से कहती हैं कि अब मैं बूढ़ी हो गई हुं लेकिन मेरे जाने के बाद मेरी पीढ़ियां भी इस आवास का लाभ उठाएंगे। वे कहती हैं कि उन्होंने सरकार के और भी संचालित योजनाआंे जैसे पेंशन, महतारी वंदन योजना का लाभ उठाया है। आगे बताती है साथ रह रहे नाती बहु को भी महतारी वंदन का लाभ मिल रहा है। बिना कुछ काम कराए सरकार हमको हर माह 01 हजार रुपए दे रही है। इसके लिए मैं और मेरा पूरा परिवार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं।
उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को रहने के लिए पक्का आवास उपलब्ध कराना है, जिससे वे लोग बिना परेशानियों का अपना जीवन व्यतीत कर सकें और आज इस योजना का लाभ सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मिल रहा हैl

https://satyarath.com/

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!