न्यूज रिपोर्टर मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ
एडवांस आसनों में संतुलन एकपाद ग्रीवासन/स्कंधासन जानिए योग प्रशिक्षक ओम प्रकाश कालवा के साथ।

श्रीडूंगरगढ़ कस्बे की ओम योग सेवा संस्था के निदेशक योग प्रशिक्षक ओम प्रकाश कालवा ने सत्यार्थ न्यूज चैनल पर 37 वें अंक को प्रकाशित करते हुए एकपाद ग्रीवासन/स्कंधासन के बारे में जानकारी देते हुए बताया।
विधि
एकपाद ग्रीवासन/स्कंधासन : यह सुखासन में बैठकर किए जाने वाले आसनों में से एक है। इसमें आपको अपना एक पैर गर्दन के पीछे ले जाकर टिकाना होता है। दोनों पैरों को पीछे ले जाने को द्वीपाद ग्रीवासन कहते हैं। यदि आप दंडासन में बैठकर इस आसन को करेंगे तो इसे स्कन्धपादासन कहेंगे।
लाभ
-दोनों हाथ नमस्कार की मुद्रा में है। इसे ओमकार आसन कहते है। दोनों पैरों में खिंचाव के कारण पैर, गले और हाथ पर दवाब पड़ता है और संतुलन बनाना सीखा जाता है। जीवन में सीख; यह विपरीत समय में हमें मन को एकाग्र रखना सिखाता है।
नोट
-कठिन योगासनों का अभ्यास सदैव अनुभवी योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही करना चाहिए।
निवेदन
-ओम योग सेवा संस्था श्री डूंगरगढ़ द्वारा जनहित में जारी 37 वां अंक।



















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