जिला पंचायत की साधारण-सभा की बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लेबर-बजट का अनुमोदन किया
विद्युत देयक में कमी एवं ऊर्जा की आत्मनिर्भरता बनाने हेतु सोलर पैनल स्थापना सहित अन्य बिन्दुओं पर विचार-विमर्श
आगर-मालवा, 14 जून/ जिला पंचायत आगर की साधारण सभा की बैठक अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती श्रीमती मुन्नाबाई भेरूसिंह चौहान की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में उपाध्यक्ष, जिला पंचायत श्रीमती रेखा पाटीदार सहित सदस्यगण उपस्थित रहें।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्रीमती हरसिमरन प्रीत कौर, अति. मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जितेन्द्र सिंह सेंगर, उपसंचालक कृषि श्री विजय चौरसिया, उपसंचालक उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री सुरेश राठौर, उपसंचालक, पशुपाल एवं डेयरी विकास विभाग श्री हरिवल्लभ त्रिवेदी, कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग श्री के.एस.खत्री, सहायक संचालक श्रीमती रीना शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में सर्वप्रथम सीईओ जिला पंचायत द्वारा ऐजेण्ड़ानुसार बैठक के विषय से सभी को अवगत कराया गया
एवं भूमिका प्रस्तुत की गई, तद्उपरांत अध्यक्ष जिपं श्रीमती चौहान की अनुमति से जिला पंचायत आगर-मालवा की साधारण-सभा की बैठक प्रारंभ की गई।
सीईओ जिपं श्रीमती कौर द्वारा 15वें वित्त योजनान्तर्गत वर्ष 2024-25 के प्लान के बारे में उपस्थित सदस्यगणों को शासन अनुरूप कार्यां का चयन सभी सदस्यगणों के आपसी समन्वय से किये जाने हेतु बताया गया। कार्यालयीन भूमि पर जिला पंचायत की आय बढ़ाने हेतु व्यावसायिक परिसर के निर्माण, कार्यालय में विद्युत देयक में कमी एवं ऊर्जा की आत्मनिर्भरता बढ़ाने हेतु सोलर पैनल की स्थापना (5वें वित्त आयोग से), जिला पंचायत का आय-व्यय प्रस्तुत किया गया। मनरेगा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लेबर-बजट का अनुमोदन किया गया एवं कार्यालयीन सामग्री की उपलब्धता एवं अन्य विषय पर चर्चा की गई।
उपसंचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी उपस्थित माननीय सदस्य गणों को प्रदाय की गई, जिसके अंतर्गत जिले में कृषि का रकबा, सिंचित क्षेत्र, कृषकों की जानकारी प्रदाय की गई। सोयाबीन की नवीन किस्में एवं बीबीएफ पद्धति के बोवनी के बारे में बताया गया। एम.पी. किसान मोबाईल एप्प से कृषि उपकरण प्राप्ति हेतु जानकारी दी गई। *जिला आगर-मालवा लगभग 15000 कृषकों के पंजीयन के साथ प्रदेश में दूसरे स्थान पर हैं* जिले में मक्का का रकबा बढ़ाते हुए इथेनाल के उपयोग, नरवाई प्रबंधन, ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती, शीतकालीन तिल की खेती, मृदा (मिट्टी) के उपचार, मौसम पूर्वानुमान यंत्रों, कुण्ड़ालिया डेम से सिंचाई रकबा बढ़ाने, कस्टम हायरिंग सेंटर, फलसों के बीमा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण निधि, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी एवं जिले में बीज एवं खाद की उपलब्धता के बारे में बताया गया।
उपसंचालक, पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग द्वारा जिले में उपलब्ध पशु धन की जानकारी प्रदाय की गई। शासन की योजनाओं यथा राष्ट्रीय पशुधन बीमा योजना, आचार्य विद्या सागर योजना, मुर्रा पाडा योजना, बकरी इकाई योजना, पशुपालप किसान क्रेडिट इत्यादि के बारे में जानकारी प्रदाय करते हुए उपस्थित सदस्यगणों की समस्याओं का समाधान बताया गया।
*उपसंचालक, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण द्वारा जिले में उद्यानिकी क्षेत्र का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया* फसलोंपरांत पैक हाउस, बागवानी यंत्रीकरण, जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, मसाला क्षेत्र विस्तार, पुष्प क्षेत्र विस्तार, सब्जी क्षेत्र विस्तार के बारे में बताया गया। शासन की योजनाओं एवं उनसे लाभांवित हितग्राहियों के बारे में जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना, एकीकृत बागवानी विकास मिशन, आत्मनिर्भर भारत, प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना के बारे में विस्तार से उपस्थित सदस्य गणों को बताया गया।
कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा पूर्व में प्रचलित 108 नलजल योजनाओं के विषय में बताया। जिले में स्थापित हेण्ड़पंप बंद/चालू की जानकारी दी गई एवं नवीन किए गए बोरवेल से सभी को अवगत कराया। जल जीवन मिशन अंतर्गत कुण्ड़ालिया डेम से जिले के प्रत्येक घर में जल
योजनान्तर्गत सुसनेर नलखेड़ा में कार्य पूर्ण हो गया हैं आगर एवं बड़ौद में दिसम्बर 2024 तक कार्य पूर्ण करने हेतु बताया गया
सहायक संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा लाड़ली लक्ष्मी, लाड़ली बहना के लक्ष्य एवं उसके विरूद्ध प्रगति से उपस्थित सदस्यगणों को बताया गया। आंगनवाडी केन्द्रों के संचालन में आ रही समस्याओं के शीघ्र निराकरण हेतु सहायक संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अवगत कराया गया।
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