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ललितपुर : लरगन मंदिर में राधा-कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष में श्रीमद भागवत का आयोजन,

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• लरगन मंदिर में राधा-कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष में श्रीमद भागवत का आयोजन,

• बल रूप कथा ब भक्ति गीतों पर जमकर नाची महिलाएं । 

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ललितपुर (महरौनी )  से  अरविन्द कुमार पटेल की रिपोर्ट 

 

• पूर्व प्रधान लरगन विशाल सिंह राजपुत ने कथा वाचक को फूल माला पहनाकर सम्मानित किया

 

ब्लॉक महरौनी अंतर्गत ग्राम पंचायत लरगन में चल रही श्रीमद भागवत साप्ताहिक ज्ञानयज्ञ में मथुरा वृन्दावन से पधारे नन्दनी जी द्वारा कथा सुनाई जा रही है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे। इस दौरान श्री कृष्णजी की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को हमेशा धर्म के मार्ग पर चलकर समाज सेवा में लोगों को आगे आना चाहिए। मानव जब इस संसार में पैदा लेता है तो चार व्याधि उत्पन्न होते हैं। रोग, शोक, वृद्धापन और मौत मानव इन्हीं चार व्याधियों से धीर कर इस मायारूपी संसार से विदा लेता है। सांसारिक बंधन में जितना बंधोगे उतना ही पाप के नजदीक पहुंचेगा। इसलिए सांसारिक बंधन से मुक्त होकर परमात्मा की शरण में जाओ तभी जीवन रूपी नैय्या पार होगी। आज के दौर में परेशानी और अविश्वास बढ़ता जा रहा है। इससे समाज में खींचतान, स्वार्थ, लोभ, दुख. पतन, विकृतियों का अम्बार लगा हुआ है। ऐसे में समाज को युग के अनुरूप दिशा चिंतन, व्यवहार, परमार्थ के लिए हृदय में परिवर्तन के लिए श्रीमद भागवत कथा पुराण का आयोजन समस्त ग्रामवासियों द्वारा किया जा रहा है अभिमान तथा सुखी रहने की इच्छा प्रक्रिया कहलाती है। इसे ना तो कर्तव्य का अभिमान है और ना ही सुखी रहने की इच्छा, बल्कि दूसरों को सुखी रखने की इच्छा को लीला कहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने यही लीला की, जिससे समस्त गोकुलवासी सुखी और संपन्न थे। उन्होंने कहा कि माखन चोरी करने का आशय मन की चोरी से है इसी दौरान समस्त ग्रामवासियों द्वारा आयोजित भागवत कथा का श्रवण किया गया ।

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