ओड़वाड़ा आयुष्मान आरोग्य मंदिर में एनक्यूएएस की टीम ने निरीक्षण किया
अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं को बारिकी से जांचा
बांसवाड़ा।
संवाददाता पूर्णानंद पांडेय
अरथूना ब्लॉक के ओड़वाड़ा आयुष्माान आरोग्य मंदिर में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम के तहत राष्ट्रस्तर की एक टीम ने दौरा किया। टीम ने सोमवार और मंगलवार को अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं को बारिकी से जांचा। टीम विभिन्न स्तरों पर अंक देगी और उसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रेषित करेगी। यदि सबकुछ ठीकठाक रहा तो जिले का ओड़वाड़ा अस्पताल भी एनक्यूएएस सर्टिफाइड हो जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉएचएल ताबियार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश से डॉ सुनीति और हरियाणा से बिमला रानी को स्वास्थ्य मंत्रालय ने निरीक्षण के लिए नियुक्त किया था। दोनों अधिकारियों ने सभी पत्रावली के साथ आईईसी और दी जाने वाली सेवाओं को बारिकी से जांच की। साथ ही अंत में सभी स्टाफ की बैठक ली और बातचीत के जरिए प्रशिक्षित स्टाफ की गुणवत्ता को भी परखा। टीम द्वारा विभिन्न बिंदूओं पर अंक दिए जाएंगे। जिसके आधार पर अस्पताल सर्टिफाइड होगा। नोडल अधिकारी डॉ भरतराम मीणा ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों (एनक्यूएएस) कार्यक्रम की शुरुआत की गई, ताकि बेहतर प्रदर्शन करने वाली सुविधाओं को पहचानने के साथ-साथ समुदाय के सार्वजनिक अस्पतालों की विश्वसनीयता में सुधार हो सके। बांसवाड़ा में इससे पूर्व सल्लोपाट, सेनावासा, वजवाना और बस्सी आड़ा के अस्पताल सर्टिफाइड हो चुके है। टीम को कार्डिनेट मयंक पंडया ने किया और विश फाउंडेशन के दुर्गाशंकर ने मानकों के हिसाब से अस्पताल को सुव्यवस्थित और सुसज्जित करने में सहयोग किया। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र और ‘लक्ष्य’प्रमाण-पत्र प्रदान करने के पूर्व विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का कई मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किये जाते हैं। जिसके आधार पर तीन वर्ष तक अस्पताल को आर्थिक सहायता दी जाती है।


















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