**बलदेवगढ़ में द्वय मंदिरों के गगनचुंबीय शिखरों पर हुआ भव्य कलशारोहण*

टीकमगढ़ म प्र से कविन्द पटैरिया पत्रकार
बलदेवगढ़ के स्थानीय श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में बीते 29 जून से आयोजित चार दिवसीय भव्य धार्मिक अनुष्ठान का गुरुवार को भक्तिभाव और अभूतपूर्व उल्लास के साथ समापन हो गया। परम पूज्य आचार्य श्री विवेकसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में आयोजित इस महोत्सव मे मंदिर जी के गगनचुंबी शिखरों पर विधि-विधानपूर्वक भव्य कलशारोहण संपन्न हुआ, जिसे देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
*मंत्रोच्चार के बीच हुआ कलशारोहण**
महोत्सव के मुख्य आकर्षण कलशारोहण के तहत श्री चंद्रप्रभु जिनालय के मुख्य शिखर पर कलश स्थापित करने का सौभाग्य अरुण जैन शिक्षक श्रीमती मंजु जैन, प्रसून जैन (विकास खंड शिक्षा अधिकारी(उत्तर प्रदेश), प्रमेश जैन (मैनेजिंग डायरेक्टर, भोपाल), श्रीमती कल्पना जैन, प्रतीक जैन (मैनेजिंग डायरेक्टर, भोपाल), कु. व्याख्या जैन, स्वरूप चंद्र माणिकचंद सुरेश जैन सांपोंन वाले हाल बल्देवगढ़ सपरिवार को प्राप्त हुआ।
इसी क्रम में श्री पार्श्वनाथ जिनालय के मुख्य शिखर पर कलशारोहण का सौभाग्य लखेरी वाले (बलदेवगढ़) परिवार के डॉ. फेरनलाल-श्रीमती पुष्पा जैन, प्रकाशचंद्र जैन, प्रतिष्ठाचार्य अरविंद शास्त्री-रीता जैन (दिल्ली), विकास, विशाल, पंडित विवेक शास्त्री, पंडित विपुल शास्त्री, राजीव-नीरज (सागर), निशांक और रसांश जैन एवं प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन परिवार को मिला
इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को मंगल उपदेश देते हुए आचार्य श्री विवेकसागर जी महाराज ने कहा कि मंदिर के शिखर पर कलश चढ़ाने का सौभाग्य पुण्यशाली भव्य जन को ही प्राप्त होता है। इस कार्य से परिवार में सुख, समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने श्रावकों से जिनधर्म के प्रति आस्था, जैन संस्कारों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
महोत्सव के समापन पर देश के विभिन्न नगरों से आए श्रद्धालुओं और अतिथियों ने कलशारोहण करने वाले परिवारों को हार्दिक बधाइयां प्रेषित की समाज जनों ने आचार्य श्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।














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