संवाददाता सुधीर गोखले सांगली से

हर साल की तरह, संस्कार भारती मिरज महानगर समिति ने नए साल याने गुढी पाडवा के दिन स्वागत करने और बीते साल को विदाई देने के लिए रजनीगंधा नामक संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष, ‘यादे आर.डी. बर्मन’ शीर्षक से एक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रसिद्ध संगीतकार राहुल देव बर्मन द्वारा रचित चुनिंदा गीतों को प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मिरज सराफी एसोसिएशन के अध्यक्ष और जानेमाने सराफी राघवेंद्र (अन्ना) चिप्लाकट्टी ने किया।संस्कार भारती की परंपरा के अनुसार, कार्यक्रम का शुभारंभ सभी गायकों द्वारा गाए गए ध्येय गीत से हुआ। इसके बाद गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलन और नटराज पूजा की गई।संस्कार भारती पश्चिम प्रांत की ओर से, नाटक के प्रवर्तक भरत मुनि की एक प्रतिमा बालगंधर्व नाट्यगृह को भेंट की गई। नगर निगम के प्रतिनिधि श्री मोहन वाटवे ने मिरज समिति के अध्यक्ष श्रीधर देसाई के हाथों से प्रतिमा ग्रहण की।मिरज समिति की पूर्व अध्यक्ष और संस्कार भारती पश्चिम प्रांत की मातृशक्ति समन्वयक, श्रीमती राजश्री शिखरे जी को पुणे के उनाई फाउंडेशन से महाराष्ट्र में उत्कृष्ट महिला उद्यमी का पुरस्कार प्राप्त करने के लिए मिरज समिति द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख अतिथी राघवेंद्र चिप्लकट्टी ने अपने भाषण में संस्कार भारती के कार्यों की प्रशंसा की और संतोष व्यक्त किया।कार्यक्रम का परिचय डॉ. श्रीमती विद्या गोसावी ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पूनम देवल ने दिया। संगीत कार्यक्रम की शुरुआत में एडवोकेट अजिंक्या कुलकर्णी ने ‘चांद मेरा दिल’ गीत प्रस्तुत करके कार्यक्रम को एक सशक्त शुरुआत दी। इस कार्यक्रम में पंचमदा द्वारा रचित एक से एक शानदार गाने पेश किए गए, जैसे गुलाबी आंखें, यारा ओ यारा, ओ मारिया, रैना बीत जाए, प्यार हमें किस मोड पे ले आया.। इस कार्यक्रम में गायक प्रशांत भाटे, ओंकार कुष्टे, आदित्य कुलकर्णी, ओंकार धूमल, एडवोकेट. अजिंक्य कुलकर्णी, शुभदा भोगले, स्वरा शिखर, श्रावणी देशपांडे, डॉ. प्रियंका कुलकर्णी, डॉ. सुमेधा रानाडे, डॉ. अनिता नातू ने गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में ऑक्टोपैड अजय भोगले, तबला शौनक भोगले, सिंथेसाइज़र ओंकार शिखर, वेदिका फड़के, संग्राम कांबले, ध्वनिक गिटार अमेय बेडेकर, बास गिटार आनंद कामटे, सैक्सोफोन, बांसुरी प्रशांत भाटे, पीपीटी श्री प्रणव शालू उपस्थित थे।
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