Advertisement

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय चिकित्सा कौशल में बड़ी भूमिका निभाएगा

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय चिकित्सा कौशल में बड़ी भूमिका निभाएगा

आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकत्सा, होमियोपैथिक के दिग्गजों ने की भागीदारी इरा द्वारा आयोजित प्रज्ञा परिसंवाद में मेडिकल साइंस

ब्यूरो संवाददाता:- प्रवीण कुकरेजा

पलवल। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को प्रज्ञा परिसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सा जगत की हस्तियों ने समग्र स्वास्थ्य एवं सतत कौशल विकास पर मंथन किया। इस सम्मेलन में इंडस्ट्री और अकादमिक तालमेल की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इंडस्ट्री रिलेशन्स एंड एलुमनी अफेयर्स (इरा) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान से लेकर आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी सहित अन्य चिकित्सा क्षेत्रों के दिग्गजों ने हिस्सा लिया। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने चिकित्सा जगत एवं एसवीएसयू के अकादमिक समन्वय की पहल का स्वागत किया। इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज एवं ग्रीन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार गर्ग ने अतिथियों को स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया।
स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक मनीष बंसल (आईएएस) ने फिजियोथेरेपी,डायटीशियन, नर्सिंग, ऑडिओलॉजिस्ट और काउंसलर्स से जुड़े स्किल प्रोग्राम शुरू करने का सन्देश दिया। आयुष विभाग के निदेशक विजेंद्र हुड्डा ने एसवीएसयू के योग स्प्रिचुअल साइंस के विद्यार्थियों को ऑन द जॉब ट्रेनिंग करवाने की घोषणा की। इन विद्यार्थियों को ट्रेनिंग के दौरान पांच हजार रुपए मासिक भी दिए जाएंगे। हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य ने कहा कि शिक्षण संस्थान और इंडस्ट्री मिल कर उत्कृष्ट परिणाम दे सकते हैं। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने इंडस्ट्री और अकादमिक समन्वय की बेहतरीन पहल की है। उन्होंने तनाव, अवसाद, मधुमेह, मोटापा और कई अन्य डिसऑर्डर पर मिशन के रूप में कार्य करने का आह्वान किया। डॉ. जयदीप आर्य ने कहा कि हरियाणा योग आयोग हर प्रकार का सहयोग देने की लिए तैयार है। जीवा आयुर्वेदा के चेयरमैन डॉ. ऋषिपाल चौहान ने एसवीएसयू में वेलबीइंग सेंटर खोले जाने में हर सम्भव सहायता देने की घोषणा की। साथ ही डॉ. ऋषिपाल चौहान ने स्वास्थ्य संस्थानों में हेल्थ कोच नियुक्त किए जाने और पंचकर्म थेरेपी को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार भटेड़ ने कहा कि योग और आयुर्वेद में कुशल लोगों की बहुत कमी है। पंचकर्म सहित कई अन्य थेरेपी के कोर्स शुरू किए जाने की आवश्यकता है। जापान से आई एनएमटी की सीईओ डॉ. एमी सुचिया ने परमानेंट मेकअप के उभरते क्षेत्र पर प्रकाश डाला। पलवल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतिंदर वशिष्ठ ने कहा कि विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान देना आवश्यक है।
मरेंगोआसिआ हॉस्पिटल की चीफ नर्सिंग अफसर डॉ. सीमा यादव नर्सिगं के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। एटलस हॉस्पिटल के फिजिशयन डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने प्राकृतिक चिकित्सा का महत्व बताया। सर्वोदय अस्पताल की नर्सिंग हेड विजय लक्ष्मी ने स्किल लैब पर अपना वक्तव्य दिया और सोनल गोयल ने डाटा प्रिवेसी का महत्व बताया। मेट्रो हॉस्पिटल के रेवाड़ी यूनिट हेड ने नर्सिंग एवं पेरामेडिकल के पाठ्यक्रम को अपग्रेड करने पर जोर दिया। बत्रा हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. आरके दुआ ने व्यवहारिक कौशल पर काम करने पर बल दिया। स्वास्तिक कायाकल्प की फॉउण्डर डॉ. सुजाता आर्य ने योग और प्राकृतिक चिकित्सा में रोजगार की असीम सम्भावनाओं के बारे में बताया। श्री सत्यसाईं संजीवनी हॉस्पिटल के ट्रस्ट ऑफिसर डॉ. गौरव भारद्वाज ने कहा कि मेडिकल और सहायक क्षेत्र में स्किल गैप कम करने की आवश्यकता है। डॉ. सुनील कुमार गर्ग ने सभी सुझावों के आधार पर शीघ्र रोडमैप तैयार करने की बात कही और इन सुझावों का स्वागत किया। इरा की निदेशक चंचल भरद्वाज ने सभी का आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम में पार्क हीलिंग टच के उपाध्यक्ष डॉ. जगमोहन ओबरॉय, मेट्रो हॉस्पिटल की उपाध्यक्ष डॉ. सना तारिक, परमहंस अस्पताल के निदेशक डॉ. संदीप देशवाल, दुधौला के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. योगेश मलिक ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। डॉ. भावना रूपराई ने मंच संचालन किया।
इस अवसर पर उप निदेशक अंजू मालिक, डीटीपीओ डॉ. विकास भदौरिया, उप निदेशक अमीष अमेय, डॉ. संतोष यादव, डॉ. नकुल, डॉ. मोहित श्रीवास्तव, डॉ. सोहनलाल और डॉ. अजय सहित कई अन्य शिक्षक उपस्थित थे।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!