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कालांवाली में सीवरेज व्यवस्था फेल: जंगीर सिंह कॉलोनी से पुराना थाना रोड तक गंदगी का सैलाब, जनस्वास्थ्य पर मंडराया खतरा

कालांवाली में सीवरेज व्यवस्था फेल: जंगीर सिंह कॉलोनी से पुराना थाना रोड तक गंदगी का सैलाब, जनस्वास्थ्य पर मंडराया खतरा

रिपोर्टर इन्द्र जीत कालावाली
जिला सिरसा

कालांवाली शहर की सीवरेज व्यवस्था एक बार फिर पूरी तरह जवाब दे गई है। जंगीर सिंह कॉलोनी, पुराना थाना रोड समेत कई रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में सीवरेज लाइनें लगातार ब्लॉक पड़ी हैं, जिससे गलियों और सडक़ों पर गंदा पानी फैल गया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि बदबू, मच्छरों और गंदगी के बीच लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग सिर्फ कागजी दावों तक सीमित रह गया है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा। सीवरेज ओवरफ्लो के कारण कई जगहों पर घरों के सामने गंदा पानी जमा है। पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहन निकालना भी जोखिम भरा हो गया है। लोगों का कहना है कि समस्या कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन शिकायतों के बावजूद हालात जस के तस हैं। जंगीर सिंह कॉलोनी में सीवरेज ओवरफ्लो पिछले कई दिनों से लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। गलियों में जमा काले पानी से तेज दुर्गंध उठ रही है। कई घरों में सीवरेज का पानी वापस घुसने की शिकायत भी सामने आई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह-शाम घर से बाहर निकलना मजबूरी बन गया है। बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो रहा है और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। मच्छरों की भरमार के कारण रात को सोना भी दूभर हो गया है। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर सिर्फ आश्वासन मिलते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होता।


पुराना थाना रोड: बाजार भी प्रभावित, कारोबार पर असर
पुराना थाना रोड जैसे व्यस्त इलाके में सीवरेज ब्लॉक होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। यह इलाका रिहायशी होने के साथ-साथ बाजार क्षेत्र भी है। दुकानों के सामने गंदा पानी जमा रहने से व्यापार प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि बदबू के कारण ग्राहक दुकानों में रुकने से कतराते हैं। पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है। कई दुकानदारों ने बताया कि रोज़ाना की कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन इस ओर गंभीर नहीं दिख रहा।
बीमारियों का खतरा बढ़ा, डेंगू-मलेरिया की आशंका
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक सीवरेज का पानी खुले में रहने से मच्छरों को पनपने का पूरा मौका मिलता है। इससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, गंदे पानी के संपर्क में आने से त्वचा रोग, पेट के संक्रमण और सांस संबंधी बीमारियां भी फैल सकती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम में बदलाव के साथ पहले ही बीमारियों का खतरा बना हुआ है। अगर सीवरेज समस्या पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।


दावे बनाम हकीकत: सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
जनस्वास्थ्य विभाग समय-समय पर सीवरेज सफाई के दावे करता रहा है, लेकिन मौजूदा हालात उन दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। कई इलाकों में महीनों से सीवरेज लाइनें जाम हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कई-कई दिन तक कोई कार्रवाई नहीं होती। कभी-कभार कर्मचारी मौके पर पहुंचकर मैनहोल खोलते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और चले जाते हैं। इसके बाद समस्या फिर से जस की तस बनी रहती है।
सूत्रों का आरोप: कागजों में सफाई, ज़मीन पर शून्य
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि सीवरेज सफाई और मरम्मत के नाम पर बॉक्स बिल नियमित रूप से पास किए जा रहे हैं। कागजों में मशीन से सफाई, लाइन बदलने और मरम्मत के काम दर्शाए जाते हैं, लेकिन धरातल पर उनका असर नजर नहीं आता। लोगों का सवाल है कि अगर नियमित और सही तरीके से सफाई हो रही होती, तो बार-बार एक ही जगह सीवरेज ब्लॉक क्यों होती? क्या इन बिलों और कार्यों की कभी गंभीर जांच होगी?
लोगों की मांग: उच्च स्तरीय जांच और स्थायी समाधान
प्रभावित इलाकों के निवासियों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि सीवरेज व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। लोगों का कहना है कि सिर्फ अस्थायी मशीन सफाई से समस्या का समाधान नहीं होगा। जर्जर पाइपलाइन को बदलना, सही ढलान देना, नई लाइनें बिछाना और नियमित मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। जिन इलाकों में बार-बार समस्या सामने आ रही है, वहां अलग से स्थायी योजना बनाई जाए।
विभाग का पक्ष: जल्द समाधान का दावा
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई सन्नी ने बताया कि समस्या उनके संज्ञान में है और जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सीवरेज ब्लॉक है, वहां मशीन से सफाई करवाई जा रही है। कुछ जगहों पर तकनीकी दिक्कत के कारण समय लग रहा है, लेकिन स्थिति जल्द सामान्य कर दी जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे बयान वे पहले भी कई बार सुन चुके हैं, लेकिन हालात में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।
प्रशासन पर सवाल, जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप
नागरिकों का कहना है कि कालांवाली जैसे कस्बे में अगर बुनियादी सुविधाएं ही दुरुस्त नहीं होंगी, तो विकास के सभी दावे खोखले साबित होंगे। सीवरेज व्यवस्था सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ी है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। लोगों की साफ मांग है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई हो। दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए, काम की गुणवत्ता की जांच हो और नियमित सफाई का मजबूत सिस्टम बनाया जाए। तभी शहर को इस बदबू और बीमारी के खतरे से राहत मिल पाएगी।
फोटो: कालांवाली में सीवरेज सिस्टम ध्वस्त: जंगीर सिंह कॉलोनी से बाजार तक गंदा पानी

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