COP शुल्क के नाम पर प्रदेश के अधिवक्ताओं का शोषण बंद –राकेश शरण मिश्र
(संयुक्त अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने बार कौंसिल को लिखा पत्र )
( COP शुल्क 14500 के संबंध में ज़ारी आदेश को वापस लेने की लगाई गुहार)
सोनभद्र /सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह
Mo 9580757830

सोनभद्र। संयुक्त अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चेयरमैन और सचिव को संबोधित पत्र लिख कर सी ओ पी शुल्क कम पर सवाल खड़ा करते हुए इसमें पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि अभी कुछ माह पूर्व आप द्वारा प्रदेश के समस्त नव पंजीकृत अधिवक्ताओ से COP शुक्ल के नाम पर 14500 रुपए शुल्क देने की बात कही गई है जो अधिवक्ता अधिनियम 1961 के विरुद्ध है और माननीय उच्चतम न्यायालय मंशा के विपरीत है। श्री मिश्र ने पत्र ने लिखा है कि बार कौंसिल के इस आदेश से प्रदेश के लाखों अधिवक्ताओं में आक्रोश बयाप्त है और प्रदेश के अधिवक्ताओं का कहना है कि बार कौंसिल ऑफ उतर प्रदेश नए प्रवेशी अधिवक्ताओं पर सी ओ पी के नाम पर 14500 शुल्क की मांग करके अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रही है और नए अधिवक्ताओं का शोषण कर रही है।
इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि
COP जारी करने के नाम पर 14500 रुपए अनावश्यक शुल्क की मांग भी औचित्यहीन है जिसे या तो निःशुल्क किया जाए या पूर्व की भांति लिया जाए। श्री मिश्र ने मांग की है कि देश/प्रदेश के समस्त अधिवक्ताओं की भावना और उनकी मांग पर गंभीरता पूर्वक विचार कर जारी आदेश में संशोधन करें।
बताते चले कि श्री मिश्र इसके पूर्व भी सी ओ पी शुल्क को लेकर बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को कई बार पत्र लिख चुके हैं।














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