कटनी शासकीय चिकित्सालय में कचरा प्रबंधन की गंभीर अनियमितताएं, जनस्वास्थ्य खतरे में
सत्यार्थ न्यूज़ संवाददाता

कटनी, 23 जुलाई 2025: कटनी के शासकीय जिला चिकित्सालय में कचरा प्रबंधन की बदहाल स्थिति ने स्थानीय लोगों और मरीजों के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर दी है। अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष के ठीक बाहर मेडिकल और अन्य कचरे का ढेर लगा हुआ है, जिससे आसपास भयंकर दुर्गंध फैल रही है। इस कचरे में प्लास्टिक, पॉलिथीन और जैव-चिकित्सा अपशिष्ट (बायोमेडिकल वेस्ट) शामिल है, जो मेडिकल साइंस के मानकों के अनुसार अत्यंत खतरनाक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल से निकलने वाला कचरा बिना किसी उचित प्रबंधन के पोस्टमार्टम कक्ष के पास ही फेंक दिया जाता है। पॉलिथीन में पैक कचरे को आवारा जानवर खोलकर बिखेर देते हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इस क्षेत्र से गुजरने वाले मरीजों, उनके परिजनों और राहगीरों को न केवल दुर्गंध का सामना करना पड़ता है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।
*जनस्वास्थ्य पर मंडराता खतरा*
जैव-चिकित्सा अपशिष्ट, जैसे कि सिरिंज, दवाइयों के रैपर, और अन्य मेडिकल सामग्री, का अनुचित निपटान न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि गंभीर बीमारियों जैसे कि हेपेटाइटिस, टीबी, और अन्य संक्रामक रोगों के फैलने का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बायोमेडिकल वेस्ट का प्रबंधन सख्त नियमों के तहत किया जाना चाहिए, जिसमें विशेष incinerators और पुनर्चक्रण प्रक्रियाएं शामिल हैं।

*प्रशासन की उदासीनता*
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। एक राहगीर ने बताया, “पोस्टमार्टम कक्ष के पास कचरे का ढेर और उससे उठती बदबू असहनीय है। प्रशासन किसी बड़ी बीमारी के फैलने का इंतजार कर रहा है।” कई लोगों ने मांग की है कि कचरे के निपटान के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं और अस्पताल में उचित अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली लागू की जाए।
*आवश्यक कदम की मांग*
नागरिकों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि शासकीय चिकित्सालय में कचरा प्रबंधन के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। इनमें शामिल हैं:
1. जैव-चिकित्सा अपशिष्ट के लिए अलग से निपटान व्यवस्था।
2. नियमित सफाई और कचरे को हटाने की प्रक्रिया।
3. कचरे के बिखराव को रोकने के लिए सुरक्षित डंपिंग जोन।
4. मेडिकल वेस्ट के लिए incineration और पुनर्चक्रण की सुविधा।
कटनी शासकीय चिकित्सालय के इस लापरवाही भरे रवैये ने न केवल अस्पताल की छवि को धूमिल किया है, बल्कि जनस्वास्थ्य को भी खतरे में डाल दिया है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर अनियमितता को दूर करने के लिए क्या कदम उठाते हैं। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
















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