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होम बेस्ड पैलिएटिव केयर वाहिनी को स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार जैमिनी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

खंडार रिपोर्टर भगवान शर्मा जिला सवाईमाधोपुर राजस्थान

होम बेस्ड पैलिएटिव केयर वाहिनी को स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार जैमिनी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

सवाई माधोपुर: जिले में गंभीर एवं असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों की देखभाल के लिए पेलियेटिव केयर कार्यक्रम के तहत होम बेस्ड पेलियेटिव केयर वाहिनी को प्रारम्भ किया गया है।
राज्य सरकार ने असाध्य व गंभीर बीमारियों से ग्रसित बुजुर्गों को घर बैठे उपचार देने की दिशा में ‘होम बेस्ड पेलिएटिव केयर’ नामक योजना शुरू की है। अब 70 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे मरीजों को अस्पतालों में भर्ती नहीं रहना पड़ेगा, जिनकी बीमारियों का इलाज अब संभव नहीं है या जिनकी स्थिति ठीक नहीं है। गंभीर व असाध्य रोगों से ग्रसित लोग, जो अंतिम अवस्था में हो उनका अस्पताल में उपचार करने के बजाय घर पर परिजनों के बीच रखना अधिक बेहतर है। उनको नर्सिंगकर्मी चिकित्सक की ओर से लिखी दवा देने के साथ लेने का तरीका बताएंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार जैमिनी ने मंगलवार को हरी झंडी दिखाकर होम बेस्ड पेलियेटिव केयर वाहिनी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान सीएमएचओ ने बताया कि यह एक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित सम्पूर्ण देखभाल करने वाली मोबाइल यूनिट है। राष्ट्रीय पैलिएटिव केयर कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया है। जिसका उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार और लाइलाज बीमारियों से पीड़ित मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है। यह कार्यक्रम, विशेष रूप से कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, गुर्दे की बीमारी, एड्स, और दीर्घकालिक श्वसन रोगों जैसे रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए है। उन्होंने बताया कि इसमें प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं स्वास्थ्य कर्मी तैनात रहेंगे। जिनके द्वारा इलाज ही नहीं बल्कि लक्षणों को नियंत्रित कर मरीज और उसके परिजनों की जीवन गुणवत्ता में सुधार के बारे में समझाना, मानसिक शिक्षा देना, बीमारी से जूझने के लिए मरीज को तैयार किया जाएगा। टीम की ओर से परिजनों को भी प्रतिदिन मरीज की देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी कुछ दिन वाहिनी जिला मुख्यालय पर रहेगी। असाध्य रोगों से पीड़ित 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को उनके अपने घर पर रख कर उन्हें दवा देने के लिए सरकार ने होम बेस्ट पेलिएटिव केयर योजना शुरू की है। योजना के सफल संचालन के लिए टीम गठित की गई है।इस अवसर पर डिप्टी सीएमएचओ डॉक्टर अमित सोनी, समस्त अधिकारी एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।
:मरीजों की ऐसे बनेगी सूची:
जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों की सूची तैयार की जाएगी जो अस्पताल जाकर उपचार कराने में असमर्थ हैं या जिनका उपचार अब घर पर किया जाना अधिक प्रभावी होगा। मरीज के अति गंभीर होने पर चिकित्सक से सलाह लेकर दवा में बदलाव करेंगे। इस पायलट प्रोजेक्ट होम बेस्ड पेलिएटिव केयर योजना के तहत कैंसर, लकवा सहित असाध्य रोगों के मरीजों की सूची तैयार की जाएगी। जिसमें मुख्य रूप से बीमारियां शामिल पायलट प्रोजेक्ट होम बेस्ड पेलिएटिव केयर योजना के तहत कैंसर, हृदय रोग, किडनी, लीवर की गंभीर बीमारी, न्यूरोलॉजिकल बीमारियां, बुजुर्गों में मल्टीपल क्रॉनिक डिजीज से जुड़े रोगियों को घर पर रख कर उनका उपचार किया जाएगा।
असाध्य रोग से पीड़ित बुजुर्ग मरीज के घर पर रहने के दौरान नर्सिंग कर्मी दर्द, उल्टी, सांस की तकलीफ, बेचैनी आदि से राहत दिलाने के अलावा मरीज और परिवार को मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद से दूर रखने का भी कार्य करेंगे।

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