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कटनी में बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ प्रभावी अभियान: बच्चों को शिक्षा और पुनर्वास की दिशा में कदम

कटनी में बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ प्रभावी अभियान: बच्चों को शिक्षा और पुनर्वास की दिशा में कदम

हरिशंकर पाराशर सत्यार्थ न्यूज़ संवाददाता

कटनी: बाल भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता लाने के लिए कटनी जिले में एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में यह अभियान बाल कल्याण समिति कटनी, विशेष किशोर पुलिस इकाई, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आर.पी.एफ.), और विभिन्न अशासकीय संगठनों के सहयोग से संचालित किया गया। इस अभियान के तहत कटनी और मुड़वारा रेलवे स्टेशनों पर संयुक्त टीम ने प्रभावी रेस्क्यू और जागरूकता अभियान चलाया।
इस अभियान के दौरान रेलवे स्टेशनों पर भिक्षावृत्ति में लिप्त पांच बच्चों को रेस्क्यू किया गया। इन बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, ताकि उनकी शिक्षा और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जा सके। अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल बच्चों को इस कुप्रथा से मुक्त करना है, बल्कि समाज को यह संदेश देना भी है कि बाल भिक्षावृत्ति एक गंभीर अपराध है। संयुक्त टीम ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों, वेंडरों, और स्थानीय लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि बच्चों को भिक्षा देने के बजाय उनकी शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
लोगों से अपील की गई कि यदि कोई बच्चा रेलवे स्टेशन परिसर या उसके आसपास भिक्षावृत्ति करता दिखे, तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, आर.पी.एफ., विशेष किशोर पुलिस इकाई, जिला बाल संरक्षण इकाई, या बाल कल्याण समिति को दी जाए। इस अभियान के दौरान स्टेशन पर मौजूद लोगों को जागरूक करने के लिए पंपलेट बांटे गए और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बाल भिक्षावृत्ति के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया।
इस अभियान में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष योगेश सिंह बघेल, सदस्य दुर्गेश मरैया, सहायक संचालक वनश्री कुर्वेती, मनीष तिवारी, अजय दुबे, शैलजा पाण्डेय, विशेष किशोर पुलिस इकाई के मुकेश परोहा, आर.पी.एफ. के प्रतिनिधि, और आवाज़ संस्था के देवेंद्र गुप्ता, विक्टर, मिल्की झा, राजुल हजारी, संजय बाने, अमित, और कृष्णा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस संयुक्त प्रयास ने न केवल बच्चों को भिक्षावृत्ति से बचाने का कार्य किया, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया।
यह अभियान न केवल बाल भिक्षावृत्ति को रोकने में मदद करेगा, बल्कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने और उन्हें शिक्षा के मुख्य धारा में शामिल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने भविष्य में भी इस तरह के अभियानों को और व्यापक स्तर पर चलाने का संकल्प लिया है, ताकि कटनी को बाल भिक्षावृत्ति मुक्त बनाया जा सके।

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