झमाझम बारिश से बिगड़े हालात: कई कॉलोनियों में भरा पानी, कई गांव मुख्यालय से कटे, पुलिया बंद होने से सडक़ पर बह रहा पानी
12 घंटे में 2 इंच तक बरसात, पुरानी छावनी और भूल्लनपुरा में घुसा घरों तक पानी
(मध्य प्रदेश गुना रिपोर्टर अभिषेक शर्मा)।

जिले में सावन का महीना इस बार आफत की बारिश लेकर आया है। शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात से शुरू हुई मूसलधार बारिश रविवार दोपहर तक लगातार जारी रही, जिससे शहर की अधिकांश कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग के अनुसार, गुना शहर में 1.45 इंच, बमोरी में 2.8 इंच और मधुसूदनगढ़ में 2.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं जिले में अब तक की कुल बारिश 27.06 इंच तक पहुंच चुकी है। लगातार बारिश के कारण भगत सिंह कॉलोनी, गोविंद गार्डन, पुरानी छावनी, शिवाजी नगर रोड, नानाखेड़ी मंडी गेट, कैंट, भुल्लनपुरा और गुलाबगंज जैसे क्षेत्रों में गलियों में कई फीट तक पानी भर गया है। सबसे अधिक परेशानी पुरानी छावनी और भुल्लनपुरा क्षेत्र में देखने को मिली जहां पानी घरों तक घुस गया और लोग पानी के बीच से ही आवाजाही को मजबूर हुए। शहर के बीच से बहने वाला नाला भी उफान पर आ गया, जिससे आस-पास के क्षेत्रों में और जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई।
वार्ड क्रमांक 24 के भुल्लनपुरा चौराहा, गणेश गार्डन के पीछे स्थित क्षेत्र में तो हालात बाढ़ जैसे बन चुके हैं। कॉलोनी में लगातार पानी भरने और नाले की अनुपलब्धता के कारण यहां के निवासी बेहद परेशान हैं।

स्थानीय नागरिकों ने कई बार नगर पालिका, सीएमओ और नगर पालिका अध्यक्ष को आवेदन दिए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया जा रहा है कि यहां करीब दो वर्ष पहले नाला निर्माण प्रस्तावित था, परंतु राजनीतिक हस्तक्षेप और रसूखदारों के दबाव में अब तक निर्माण नहीं हो सका। इस कारण हर बार बारिश में लोगों को जान-माल के खतरे का सामना करना पड़ता है। वार्डवासियों ने कलेक्टर को भी सूचना देकर तत्काल ध्यान देने की मांग की है, ताकि कोई बड़ी दुर्घटना होने से पहले ही हालात संभाले जा सकें।
इसी तरह वार्ड 19 में कुशमोदा पुलिस चौकी के पास पुलिया का पाइप जाम होने से डामर सडक़ के ऊपर से पानी बहने लगा है। दो पाइपों में से एक पूरी तरह बंद हो चुका है और दूसरा आंशिक रूप से अवरुद्ध है। इससे पानी पुलिया के नीचे से न जाकर सडक़ के ऊपर से बह रहा है, जिससे सडक़ के किनारों पर कटाव शुरू हो गया है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो यह सडक़ पूरी तरह टूट सकती है। इस मार्ग से इंडस्ट्रीज एरिया के वाहन और कुशमोदा एवं बमोरी बुजुर्ग के नागरिक गुजरते हैं। यह एकमात्र संपर्क सडक़ है, ऐसे में इसके क्षतिग्रस्त होने से जनजीवन और औद्योगिक परिवहन बुरी तरह प्रभावित होगा।

इधर जिले के नदी-नालों के उफान पर आने से कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क भी जिला मुख्यालय से टूट गया है। बमोरी, आरोन, कुंभराज और चांचौड़ा क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई है जिससे ग्रामीण अंचल में जलभराव की स्थिति बन गई है। अब जबकि बारिश का सिलसिला अभी थमता नहीं दिख रहा है, नगर पालिका, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन को तत्काल प्रभाव से जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने, अवरुद्ध पुलियों को खोलने और नालों की सफाई कराने की जरूरत है। नागरिकों ने मांग की है कि संबंधित क्षेत्रों में राहत दल भेजे जाएं और स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएं, ताकि हर साल की तरह इस बार भी लोगों को जान जोखिम में डालकर पानी से लडऩा न पड़े।- मध्य प्रदेश गुना रिपोर्टर अभिषेक शर्मा
















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