कटनी में तीसरे केंद्रीय विद्यालय के प्रवेश प्रक्रिया में आम नागरिकों के सपने चकनाचूर, प्रचार के बाद मिली निराशा
सत्यार्थ न्यूज़ संवाददाता

*कटनी, 12 जुलाई 2025*: बरसों की मांग के बाद कटनी में तीसरे केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को लेकर राजनीतिक स्तर पर खूब प्रचार-प्रसार किया गया। आम नागरिकों को अपने बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा का सपना दिखाया गया, जिसने हजारों अभिभावकों को उत्साहित किया। लेकिन प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने पर जो सच्चाई सामने आई, उसने कई परिवारों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
कटनी के इस नए केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश के लिए लगभग 3,000 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि केवल 200 सीटें उपलब्ध थीं। विद्यालय के नियमों के अनुसार, प्राथमिकता केंद्रीय सरकार, राज्य सरकार और रक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों के बच्चों को दी गई। इस प्रक्रिया में आम नागरिकों के बच्चों को प्रवेश के लिए अंतिम प्राथमिकता मिली, जिसके चलते अधिकांश सामान्य परिवारों के बच्चे प्रवेश से वंचित रह गए।
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय की स्थापना के समय प्रचार में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि प्रवेश के लिए सख्त मानदंड होंगे। अभिभावक रमेश पटेल ने कहा, “हमें बताया गया कि यह विद्यालय सभी के लिए है, लेकिन अब पता चला कि आम लोगों के बच्चों के लिए कोई जगह नहीं। यह बहुत बड़ा धोखा है।”
कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सुझाव दिया है कि तीसरे केंद्रीय विद्यालय को विशेष रूप से गैर-शासकीय कर्मचारियों के बच्चों के लिए समर्पित करना चाहिए था, ताकि आम नागरिकों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। इस प्रक्रिया ने न केवल अभिभावकों की उम्मीदों को तोड़ा, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं।
स्थानीय नेताओं से इस मुद्दे पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली है, लेकिन अभिभावकों ने मांग की है कि प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और आम नागरिकों के बच्चों को भी समान अवसर प्रदान किए जाएं। इस घटना ने कटनी में शिक्षा के क्षेत्र में समावेशिता और निष्पक्षता की कमी को उजागर किया है।
कटनी समाचार ब्यूरो*

















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