अंकुर कुमार पांडेय
ब्यूरो चीफ सत्यार्थ न्यूज़
वाराणसी
वाराणसी में यह कैसा विकास लगातार हुईं बारिश में सड़कों ने एक बार फिर सरकार की पोल

वाराणसी-लखनऊ हाईवे (NH-56) पर गिलट बाजार पुलिस चौकी के सामने गुरुवार सुबह बड़ा हादसा टल गया, जब *“दिव्य काशी – भव्य काशी” गोलंबर के पास करीब 20 फीट तक सड़क धंस गई। लगभग 15-16 फीट चौड़ाई में सड़क के धंसने से अफरा-तफरी मच गई। होमगार्ड और ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बैरिकेडिंग कर दी ताकि कोई राहगीर या वाहन चालक हादसे का शिकार न हो। स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई जिसे पुलिस ने हटाया।चौंकाने वाली बात ये है कि दो दिन पहले भी यहीं सड़क धंसी थी, जिसमें जौनपुर डिपो की रोडवेज बस फंस गई थी। अब सवाल उठ रहे हैं कि बार-बार इसी जगह सड़क क्यों धंस रही है?
ड्रीम प्रोजेक्ट से भ्रष्टाचार तक का सफर…
इस मार्ग की नींव पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के बाद 2015 में रखी थी। करीब 629 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 17 किलोमीटर लंबा फोरलेन 2018 में जनता को समर्पित किया गया था। कहा गया था कि एक घंटे की दूरी अब सिर्फ 20 मिनट में तय होगी। लेकिन अब यही सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि 2018 में फ्लाईओवर निर्माण के दौरान हरहुआ में शटरिंग भी गिर गई थी, जिस पर तत्कालीन डीएम ने जांच बैठाई थी। अब फिर से वही निर्माण कार्य मानकों की अनदेखी का शिकार नजर आ रहा है।
सपा सांसद बोले – “ये कैसा मॉडल शहर?”
घटना की सूचना मिलते ही सपा सांसद वीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और कहा –”प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र का ये हाल है। बारिश ने नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की पोल खोल दी है। निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”यह हाईवे वाराणसी शहर को लखनऊ, जौनपुर और एयरपोर्ट से जोड़ता है, ऐसे में इसका बार-बार धंसना बेहद गंभीर मामला है।
अब सवाल है – क्या फिर से कोई मजिस्ट्रियल जांच होगी या यह हादसा भी राजनीतिक बयानों में दब जाएगा?













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