जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुँचा डॉक्टर की लापरवाही से हुई बच्चे की मौत का मामला
परिजन बोले : भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसलिए लापरवाह डॉक्टर पर करे कारवाई
मामला : इलाज में लापरवाही से सर्पदंश से पीड़ित बच्चे की मौत का
सोयत कला नगर से मनोज कुमार माली

सुसनेर नगर के शासकीय सिविलि अस्पताल की रिपोजेशन का मामला पहुंचा व सुसनेर में डॉक्टर की लापरवाही से हुई सर्पदंश से पीड़ित बच्चे की मौत का मामला अब जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में भी पहुँच गया है। मंगलवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में मृतक बच्चे के परिजनों ने जिला कलेक्टर के नाम आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। परिजनों ने जिला प्रशासन को अपनी पीड़ा सुनाते हुए इलाज में लापरवाही करने वाले दोषी डॉ सुयश भारद्वाज के खिलाफ कठोर कारवाई की मांग की है। मृतक बच्चे के परिजन प्रवीण जैन पिता दिनेश कुमार जैन निवासी सुसनेर ने दिए गए आवेदन में बताया कि 4 मई 2025 को रात्रि लगभग साढ़े 10 बजे भतीजे संयम जैन को घर पर सॉप ने काट लिया था। मैं और मेरे परिजन बच्चे लेकर तत्काल सिविल अस्पताल पहुँचे और ड्यूटी पर तैनात डॉ सुयश भारद्वाज को बताया कि बच्चे को साँप ने काट लिया है। मेरे और मेरे परिजन द्वारा कई बार ड्यूटी डॉक्टर से बच्चे का उपचार करने हेतु निवेदन करने पर डॉक्टर ने इलाज के लिए पहले पर्चा बनाकर लाने को कहा। हमारे द्वारा ओपीडी पर्चा बनाकर लाने के बाद बच्चे को ऑक्सीजन मास्क लगाया गया। अस्पताल में एंटी स्नैक इंजेक्शन होने के बावजूद भी डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन उपलब्ध होने का मना करते हुए बिना इंजेक्शन लगाए रैफर कर दिया गया। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए सिविल अस्पताल सुसनेर में रोगी कल्याण समिति की एम्बुलेंस से बच्चे को जिला चिकित्सालय आगर लेकर गए। इस दौरान बच्चे की मौत हो गई। डॉक्टर की लापरवाही के कारण बच्चे की मृत्यु हो गई। जिससे की पूरा परिवार अभी तक सदमे से उभर नहीं पा रहा है। ऐसी घटनाओ की पुनरावृत्ति न हो इसलिए परिजनों ने जिला प्रशासन से डॉक्टर के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने की मांग की है। जिला प्रशासन ने भी सीएचएमओ को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
सीएम हेल्प लाइन पर भी की है शिकायत
परिजन प्रवीण जैन ने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से करके भी डॉक्टर के खिलाफ कारवाई की मांग की है। बता दे कि इस घटना के बाद क्षेत्र की जनता में काफी आक्रोश है। जनता ने सिविल अस्पताल में रैफर सेंटर के पोस्टर लगाकर प्रदर्शन किया था। साथ ही नगर बंद सहित व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी थी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस घटना को गम्भीरता से लेकर कोई कारवाई करता भी है या हर बार की तरह यह मामला भी समय के साथ फ़ाइलों के पन्नों में दफन हो जाएगा।
















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