पारुल राठौर हरिद्वार
बेटियां किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं: दीपक तालियान

बेटियां किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं है. ऐसा ही ताजा उदाहरण हरिद्वार से सामने आया है, जहां एक बेटी ने अपने पिता की निधन के बाद न सिर्फ मुखाग्नि दी है. बल्कि पिण्डदान भी कराया है।
परिवार की जिम्मेदारी और संस्कार सिर्फ बेटे ही नहीं बल्कि बेटियां भी निभाती है और ऐसा संस्कार हरिद्वार के कनखल निवासी वीरेंद्र शर्मा की पुत्री संगीता शर्मा ने अपने पिता के निधन के बाद निभाया है।
बता दें कि संगीता शर्मा राष्ट्रीय सेविका समिति की कार्यकर्ता हैं ,वर्तमान में भाजपा महिला मोर्चा आगरा जिले की जिला महामंत्री हैं एवं आगरा में सामाजिक क्षेत्र में सहर्ष वोलफेयर नाम से NGO का संचालन करती हैं। इनके पिता का हाल ही में निधन हो गया था। संगीता शर्मा का कोई भी भाई नहीं था, जो पिता को मुखाग्नि दे सके, इसलिए संगीता ने न सिर्फ अपने पिता को मुखाग्नि दी बल्कि पिण्ड दान भी करवाया है।

पिंडदान के साथ ही सारे रीति रिवाज करते हुए हिंदू समाज में बेटे बेटियों में जो फर्क किया जाता है, उस समाज को एक नया सबक भी दिया है कि बेटियां भी बेटे के द्वारा किए जाने वाले कर्मकांड को कर सकती हैं. भारतीय संस्कारों में बेटे को पिता की चिता को आग देने का अधिकार है, लेकिन बदलते परिवेश में अब बेटी भी समानता का अधिकार रखती है। आगरा निवासी संगीता शर्मा ने हरिद्वार में अपने पिता के निधन पर उन्हें मुखाग्नि देकर एक बार फिर साबित किया है कि बेटिया किसी मायने में बेटो से कम नहीं हैं।
यह सारा कार्यक्रम विश्व हिन्दू परिषद के जिला सह मंत्री माननीय दीपक तालियान जी के मार्गदर्शन में हुआ। दीपक तालियान जी ने सत्यार्थ न्यूज की संवाददाता पारुल राठौर को बताया कि बदलते परिवेश में जहां महिलाएं पुरुषों के कंधे से कंधा मिला कर प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ चढ़ कर एक जिम्मेदार इंसान की तरह फतह हासिल कर रही है, उसे ध्यान में रखते हुए संगीता शर्मा जी का यह कदम महिलाओं के सम्मान में एक और मील का पत्थर साबित होगा।

















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